लारी-गल्ला और पार्षद के भ्रष्टाचार पर उलझा सत्तापक्ष

लारी-गल्ला और पार्षद के भ्रष्टाचार पर उलझा सत्तापक्ष

Vineet Sharma | Publish: Sep, 11 2018 08:34:46 PM (IST) Surat, Gujarat, India

कांग्रेस के हमलों पर प्रशासन भी मौन, काम आई महापौर की व्यवस्था

सूरत. मनपा बोर्ड की मंगलवार को हुई सामान्य सभा खासी हंगामेदार रही। लारी गल्ला और भाजपा पार्षद के भ्रष्टाचार समेत मनपा में नियुक्तियों को लेकर सामने आया मामला छाया रहा। एक बार तो कांग्रेस पार्षद को बाहर करने की नौबत भी आई, लेकिन महापौर जगदीश पटेल ने व्यवस्था देकर हर बार बात साध ली। चर्चा के दौरान कांग्रेस हमलावर रही और हर बार सत्तापक्ष को घेरने में कंजूसी नहीं बरती। कांग्रेस पार्षद के स्वच्छता सर्वे को लेकर पूछे सवाल पर मनपा आयुक्त एम थेन्नारसन भी जवाब देने से बचते दिखे।

जीरो दबाण रोड और लारी-गल्ला संचालकों पर हो रही कार्रवाई को लेकर सामान्य सभा में कांग्रेस ने हमलावर रुख अपनाया। पार्षदों ने इस मामले को उठाते हुए सत्तापक्ष को जमकर घेरा। शुरुआत भूपेंद्र सोलंकी ने की और लारी-गल्ला के बहाने लाइनडोरी की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। पार्षद असलम साइकिलवाला ने महापौर से लारी-गल्ला संचालकों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने की मांग करते हुए कहा कि उनकी रोजी-रोटी पर संकट नहीं आना चाहिए। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर एक्ट पर अमल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पार्किंग की जगह पर जहां भी अतिक्रमण है उसकी सूची मनपा के पास है। इस पर कार्रवाई हो तो ट्रैफिक समस्या से निजात पाई जा सकती है।

विजय पानसेरिया ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट की बात करते हुए कहा कि इस पर 19 फरवरी 2017 मेंं अमल हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक में बाधा के लिए कोई एक वजह पर्याप्त नहीं होती। केवल लारी-गल्ला के कारण ही ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती है यह कहना गलत है। नेता विपक्ष प्रफुल्ल तोगडिया ने कहा कि मनपा टीम ट्रैफिक पुलिस की तरह केवल चालान बनाने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि यह लारी हटाओ नहीं जेब भरो आंदोलन है। विधायक विनोद मोरडिया ने सब्जी मार्केट के उदाहरण देते हुए कहा कि लोग वहां जाने को तैयार नहीं रहते और चौराहों पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे ट्रैफिक की समस्या खड़ी होती है। हालत यह रहती है कि इमरजेंसी में एम्बुलेंस का समय पर अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।

पिछले दिनों मनपा में नौकरी के नाम पर भ्रष्टाचार के मामले पर भावेश रबारी ने मनपा प्रशासन का नाम लिया जिस पर महापौर ने एतराज जताया। स्थाई समिति प्रमुख अनिल गोपलाणी ने साफ किया कि इस मामले में मनपा प्रशासन ने फरियाद दर्ज कराई है और संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया है। भावेश ने प्रश्नपत्र के साथ जवाब की कार्बन कॉपी रखने और उत्तर पत्र को परीक्षा के बाद साइट पर रखने की मांग की जिससे पारदर्शिता बनी रहे। नेता विपक्ष प्रफुल्ल तोगडिया ने पार्षद नैंसी सुमरा और उसके परिवार के भ्रष्टाचार का मामला उठाते हुए सत्तापक्ष पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कैनाल ब्यूटिफिकेशन के काम के दौरान स्लैब गिरने के मामले पर कहा कि मनपा प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा।

महापौर ने बनाई व्यवस्था

महापौर जगदीश पटेल ने कई बार बिगड़ती व्यवस्था को साधा जिससे स्थिति बिगड़ते-बिगड़ते बची। उन्होंने लारी-गल्ला मामले पर कहा कि कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जब लारी का बाकायदा संगठित कारोबार चल रहा है। एक ही व्यक्ति ठेके पर कई लारियां संचालित करा रहा है। वलसाड-नवसारी समेत समीप के अन्य शहरों से भी लोग सूरत आकर लारियां चला रहे हैं। एक ही लारी शिफ्टों में चल रही है। इस पर अंकुश जरूरी है। भ्रष्टाचार के मामले पर उन्होंने कहा कि पार्षदों को मर्यादा में रहना होगा।

बुलाई सिक्योरिटी

बीआरटीएस मामले पर व्यवस्था के बाद भी पार्षद दिनेश काछडिया शांत नहीं हुए तो महापौर ने सदन में मौजूद सिक्योरिटी स्टाफ को बुला लिया। बाद में मामला शांत हुआ जिसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ी।

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