कांवडिय़ों ने बोल बम, शिव हरे-हरे के लगाए जयकारे

कांवडिय़ों ने बोल बम, शिव हरे-हरे के लगाए जयकारे

Sunil Mishra | Publish: Aug, 12 2018 11:03:29 PM (IST) Surat, Gujarat, India

महाकालेश्वर मित्र मंडल


सिलवासा. सावन के तीसरे सोमवार को लवाछा में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए महाकालेश्वर मित्र मंडल के कावडिय़ों का दल शहर से बिन्द्राबीन की ओर रवाना हुआ। कांवडि़ए बिन्द्राबीन महादेव के जलाशय से जल भरी कांवड़ लेकर सोमवार भोर को लवाछा रामेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। कांवडिय़ों का दल सायं 4 बजे आमली गायत्री मंदिर से रवाना हुआ। सजी-धजी, रंग-बिरंगी कांवड़, भगवा वेश, सिर पर दुपट्टा बांधे कांवडिय़ों ने पहले गायत्री मंदिर में पूजा की तथा मंदिर में बोल बम, शिव हरे-हरे के जयकारे लगाए। कांवड़ दल में बड़ी संख्या में महिला, बड़े-बुजुर्ग एवं बच्चे भी सम्मिलित हुए। गायत्री मंदिर पर कांवडिय़ों को आशीर्वाद देने समाजसेवी व जनप्रतिनिधि भी पहुंचे।


कांवडिय़ों ने दिनभर रखा उपवास
कांवड़ जल लेने निकले कांवडिय़ों ने रविवार को दिनभर उपवास रखा। दोपहर बाद कंधे पर कांवड़ व शरीर पर भगवा वस्त्र धारण करके कांवडि़ए गायत्री मंदिर में एकत्रित हुए। मंदिर में शिव भोले को जल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। भोलेनाथ की पूजा व आरती के दौरान कांवडिय़ों ने बोल बम के जयकारे लगाए। मंदिर से निकलते ही कांवडि़ए कतारबद्ध होकर बिन्द्राबीन के लिए रवाना हुए। गायत्री मंदिर से बाहर नाचते गाते शिव भक्त, भोले की भक्ति में लीन, बारिश की बौछारों के बीच कंधे पर कांवड़ लिए आमली फव्वारा पहुंचे। यहां कांवडिय़ों का रेला काफी दूर तक फैल गया। वापी रोड, पुलिस थाना, नरोली चार रास्ता, टोकरखाड़ा तक सड़क कांवडिय़ों से भर गई। कांवडिय़ों के गगनचुम्बी जयकारों से शहर में धार्मिक वातावरण बन गया। रास्ते में जगह-जगह समाजसेवियों ने उनके लिए चाय, पेयजल व अल्पाहार की व्यवस्था की। टोकरखाड़ा में अल्पविराम लेकर कांवडि़ए सामरवरणी, मसाट, रखोली, दपाड़ा होते हुए बिन्द्राबीन रामेश्वर मंदिर पहुंचे। सोमवार भोर को साकरतोड़ से पवित्र जल लेकर उसी रास्ते से होते हुए लवाछा शिव मंदिर में जलाभिषेक करेगे।

 

 

गुजराती सावन के पहले दिन गूंजा बम-बम भोले
वलसाड. गुजराती सावन के पहले दिन रविवार को शहर के मंदिरों से शुरू हुई बम बम भोले की गूंज पूरे शहर में सुनाई दी। बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिरों में पूजा अर्चना की। हालांकि उत्तर भारतीय समाज का सावन पहले ही शुरू हो चुका है। गुजराती समाज का सावन माह रविवार से शुरू हुआ। इस माह में शिवपूजा की बड़ी महिमा होती है। इससे पहले दिन ही शहर के सभी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचने लगे थे। शिव मंदिरों में भीड़ ज्यादा रही। श्रद्धालुओं ने दूध, जल से भगवान शिव का अभिषेक कर बिल्व पत्र और पुष्प चढ़ाकर पूजा की। पूरे महीने तड़केश्वर महादेव मंदिर में मेला लगता है। यहां दूर दूर से श्रद्धालु पूजा पाठ के लिए आते हैं। वहीं, शहर के भीर भंजन मंदिर में महादेव की प्रतिमा को फूलों से सजाया जाता है और महाआरती की जाती है। इसे देखने शहर के लोग उमड़ते हैं।

महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उनाई. गुजराती सावन माह के पहले दिन उनाई के शरभंगेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पौराणिक उनाई माता मंदिर के गर्म पानी के झरने में स्नान कर सुबह से ही भक्त शिव का जलाभिषेक करने को कतार में लग चुके थे। श्रद्धालुओं ने बिल्व पत्र, पुष्प और पवित्र जल से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और ओम नम: शिवाय के नाद से गुंजायमान होता रहा।

 

patrika
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