KHADI FLOOD: मुश्किल भरे दिन, ऑफिस-नौकरी जाना दूभर

पिछले दस-बारह दिनों से घर से निकलने और आने से पहले करना पड़ता है पानी का पता

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 25 Aug 2020, 09:21 PM IST

सूरत. परवत पाटिया समेत आसपास की दर्जनों सोसायटी-अपार्टमेंट के लोग इन दिनों खाड़ी बाढ़ की समस्या से ग्रस्त है। सुबह वे घर से निकलने से पहले और शाम को घर आने से पहले क्षेत्र में पानी के लेवल का पता करते हैं और फिर उसके अनुरूप ही आने-जाने का समय तय करते हैं। यह स्थिति श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन 13 अगस्त से बीच में दो दिन छोडक़र लगातार बनी हुई है।
कंगारु सर्कल के पास गोडादरा रोड व माधवबाग की गली में पानी भरा होने से मंगलवार को भी साइकिल लारी दिनभर चलती रही हालांकि सुबह दस बजे के बाद महानगरपालिका ने क्षेत्रीय लोगों के घुटने से ऊपर पानी से बाहर निकलने के लिए ट्रेक्टर की व्यवस्था भी की मगर उसमें भी कोरोना महामारी का भय लोगों में एक-दूसरे की नजदीकी से बना रहा। क्षेत्र में चार दिन के बाद गत शनिवार को पानी उतरने से थोड़ी राहत मिली और वह राहत रविवार तक रही लेकिन, उसके बाद रात्रि में फिर से पानी बढ़ गया और क्षेत्रीय सोसायटियों के निचले घरों में पानी घुस गया। माधवबाग, नंदनवन, वंृदावन, श्रीवर्धन सोसायटी के अलावा मनपा निर्मित सुमन संगीत, सत्यम, शिवम, ब्रजभूमि व ऋषिविहार अपार्टमेंट के बाहर पानी जमा हो जाने से सैकड़ों लोगों के आने-जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इसके नतीजन सोमवार को कई लोग ऑफिस और नौकरी पर समय से नहीं पहुंच सके और जो पहुंच गए वे शाम को लौटने से पहले पानी की स्थिति के बारे में लगातार पता करते रहे। इस संबंध में ऋषिविहार सोसायटी निवासी और कपड़ा व्यापारी रमेश लड्ढ़ा ने बताया कि 12-13 दिनों से मुश्किल बनी हुई है और सच कहें तो लॉकडाउन नहीं देखा होता तो यूं घरों में बैठे रहना और मुश्किल हो जाता। शुरुआती दिनों में लाइट नहीं होने से पानी, दूध आदि की दिक्कतें भी दो-तीन दिन तक रही। मुसीबत यहीं खत्म नहीं हो रही बल्कि मंगलवार को भी कपड़ा बाजार जाने के लिए सोसायटी के गेट से ट्रेक्टर में कोरोना के भय के बीच कंगारु सर्कल की पुलिया तक और बाद में ऑटोरिक्शा से मार्केट पहुंचना पड़ा। सच में बड़े ही मुश्किल वाले दिन बीत रहे हैं अभी।


चार दिन पहले की थी सफाई


माधवबाग की गली में स्थित नंदनवन व वृंदावन सोसायटी में से शनिवार को जब पानी उतर गया तो क्षेत्रीय महिलाओं ने अपनी-अपनी गली में जमा गंदगी-कीचड़ को साफ करने के लिए जमकर मेहनत की थी मगर उनकी सफाई पर रविवार रात फिर से खाड़ी बाढ़ के घुसे पानी ने पानी फेर दिया। अब उन्हें फिर से घरों में जमा तीन-चार फीट पानी उतरने के बाद सफाई का अभियान छेडऩा पड़ेगा।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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