किचन का बोझ घटाए केन्द्र सरकार

किचन का बोझ घटाए केन्द्र सरकार

Sunil Mishra | Publish: Jan, 25 2018 11:29:14 PM (IST) Surat, Gujarat, India

आम बजट से महिलाओं की ढेरों उम्मीदें

 

सस्ती हो खाद्य सामग्री तथा शिक्षा, पानी, बिजली एवं चिकित्सा में भी मिले राहत

भरुच. केन्द्र सरकार के आम बजट को लेकर आम लोगों की सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं। राजस्थान पत्रिका ने बजट के मुद्दे पर कुछ महिलाओं से बातचीत की तो सभी ने खुलकर अपनी बात कही। किसी ने कहा सरकार इस बार जनता पर मेहरबानी दिखाए। गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार महंगाई की मार से जूझ रहा है। उम्मीद थी कि महंगाई पर नियंत्रण होगा, लेकिन अभी तक कुछ भी सस्ता नहीं हुआ। खान-पान तक का सामान महंगाई की जद में है। अच्छी शिक्षा, हाईटेक इलाज, बिजली, पानी यह सब आम आदमी की पहुंच से दूर हो रहा है। आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सरकार नए बजट में महंगाई घटाकर आम आदमी को राहत पहुंचाए।


भरुच जिला न्यायालय की वरिष्ठ महिला अधिवक्ता पुष्पा बेन सैनी ने कहा कि इस बार के बजट से काफी उम्मीदें हैं। बच्चों के लिए हायर एजूकेशन, सस्ते ब्याज दर पर लोन देने की घोषणा होनी चाहिए। बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग से योजना बनाई जानी चाहिए। व्यापार क्षेत्र को सस्ती दर पर लोन मिलना चाहिए। महिलाओं को मिलने वाली इंट्रेस्ट सब्सिडी का ब्याज दर कम होना चाहिए।


पावनपुरी मोहल्ला गृहिणी नीतू सिंह ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार को इस बार बजट में राहत पहुंचाई जानी चाहिए। वित्त मंत्री जब बजट पेश करें तो सभी वर्ग में उत्साह आ जाना चाहिए। शिक्षा, पानी, बिजली, चिकित्सा सभी सस्ता होना चाहिए। तभी देश व समाज के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।


हरिकृपा सोसायटी निवासी पूनम बेन ने कहा कि घरेलू सामान सस्ते किए जाएं। पचास हजार की आमदनी में भी बेहतर शिक्षा, अच्छी चिकित्सा, शुद्ध खानपान पूरा नहीं पड़ रहा है। सरकार इस पर विशेष ध्यान दे। बच्चों की फीस कम करने के प्रयास हों, निजी स्कूलों पर सख्त कदम उठाए जाएं।


शक्तिनाथ निवासी धु्रता बेन रावल ने कहा कि खाद्य सामग्री पर जीएसटी दर कम की जाए। इससे आम आदमी का आर्थिक बोझ कम होगा। घरेलू सामान से लेकर कॉस्मेटिक सामानों के दाम में कमी हो। आम आदमी अब आय से अधिक खर्च करने की क्षमता में नहीं है। हर कोई खर्च सीमा बढऩे से बुरी तरह से जूझ रहा है।


प्रोफेसर सुहानी बेन ने कहा कि शिक्षा ही देश की नींव है। इस पर जीडीपी का पंद्रह फीसद खर्च होना सुनिश्चित होना चाहिए। महिलाओं को इनकम टैक्स में पांच लाख रुपए तक की छूट मिलनी चाहिए। बेटी की शादी करने वालों को उस वर्ष टैक्स की पूरी छूट दी जाए। शिक्षा भत्ता बढ़ाया जाना चाहिए। शिक्षा के मद में पर्याप्त बजट मिलना चाहिए।

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