Kidnapping : आखिर कौन सा कारनामा किया पुलिस ने कि सरकार ने की एक लाख रुपए के ईनाम की घोषणा

- स्कूल बैग कारोबारी के पुत्र का अपहरण कर तीन करोड़ की फिरौती का मामला...

- पहले एक करोड़ देकर बालक को मुक्त करवाया फिर जाल बिछाया

- कोसंबा से 8 को पकड़ा क्राइम ब्रांच ने, पुलिस टीम को एक लाख का इनाम

- First liberated the child by giving one crore and then laid a trap

- Crime Branch caught 8 from Kosamba, police team gets reward of one lakh

By: Dinesh M Trivedi

Published: 30 Jan 2021, 10:17 AM IST

सूरत. घोड़दौड़ रोड पर रहने वाले स्कूल बैग बड़े कारोबारी के पुत्र का अपहरण करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने सफलता हासिल करते हुए न सिर्फ अपहृत को छुड़वाया बल्कि फिरौती के साथ आठों आरोपियों को भी कोसंबा से धर- दबोचा।

शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने बताया कि घोड़दौड़ रोड करीमाबाद सोसायटी निवासी कोमिल दूधवाला के अपहरण की खबर मिलने पर हमारी प्राथमिकता उसे सकुशल मुक्त करवाने की थी। क्राइम ब्रांच, एसओजी व उमरा पुलिस ने अलग-अलग टीम बना कर जांच शुरू कर दी।

अपहर्ता कोमिल के फोन का इस्तेमाल कर लगातार उसके परिजनों से फिरौती मांग रहे थे। उन्होंने पहले तीन करोड़ मांगे फिर एक करोड़ रुपए में उसे छोडऩे के लिए तैयार हुए। कोमिल के परिजनों से एक करोड़ रुपए मिलने पर उन्होंने कामरेज के निकट हाइवे पर उसे छोड़ दिया।


वहीं, पुलिस की टीमों ने इलेक्ट्रोनिक सर्वेलंस की मदद से अपहरण करने वालों की लोकेशन ट्रैस कर सूरत ग्रामीण पुलिस की मदद से नाकेबंदी कर दी। मुखबिरों को भी सतर्क कर दिया। जिस कार में कोमिल का अपहरण किया गया था, उस बिना नम्बर की कार को पुलिस ने हाइवे पर ट्रेस कर लिया।

उसके पीछे एक बिना नम्बर की मोटरसाइकिल भी थी। कोसंबा तरसाड़ी हाइवे पर पुलिस ने कार में सवार तीन जनों और मोटरसाइकिल सवार को पकड़ा। इस बीच एक अन्य कार में उनके चार और साथी भी पहुंचे। पुलिस ने उन्हें भी धर- दबोचा। उनके कब्जे से फिरौती में ली गई अधिकतर राशि और हथियार भी जब्त कर लिए।

चार दिनों तक की रेकी, डराने के लिए गोली भी चलाई :

पुलिस ने बताया कि आरोपी इरशाद पर लाखों रुपए की देनदारी हो गई थी। वह कोमिल के परिवार को जानता था। उनसे व्यापारिक लेन-देन था। इसलिए उसने अपहरण की साजिश रची। उसने अपने मित्र इश्तियाक से बात की। इश्तियाक ने संतोष, अजय और फैजान से बात की। फैजान ने अपहरण के लिए राजस्थान के धौलपुर से दो तमंचे खरीदे। अन्य आरोपियों को भी साजिश में मिलाया। घटना से पूर्व चार दिनों तक उन्होंने कोमिल के आने-जाने के रास्तों की रेकी की।

उसके बाद गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे जब वह जिम जाने के लिए निकला तो उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार कर गिरा दिया। इससे उसे खरोंचे भी आई। फिर उन्होंने जबरन उसे कार में बिठाया और शहर के आसपास हाइवे पर घुमाते रहे। कोमिल को डराने के लिए उन्होंने हवा में गोली भी चलाई। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। फिरौती की राशि मिलने पर कोसम्बा तरसाड़ी में एकत्र होकर उनका इरादा रुपए आपस में बांटने का था, लेकिन पुलिस ने उन्हें धरदबोचा।

इनको पकड़ा :


भावनगर निवासी हाल कीम भरवाड़वास के अजय डामला (21), उज्जैन निवासी व हाल सायण रोड श्यामजीनगर निवासी चिराग यादव (20), रतलाम जिले के नांदेठा के हाल कापोद्रा चार रस्ता भरवाड़ फलिया निवासी सोनू गोस्वामी (20), राजस्थान के धौलपुर व हाल सीमाड़ा गांव निवासी फैजान खान उस्मान (21), सैयदपुरा मार्केट बीबी नो डेलो निवासी अरविंद वाढेल (46), नानपुरा मेमुना पैलेस निवासी इश्तियाक शेख (33), रामपुरा लालमिंया मस्जिद निवासी इरशाद मुल्तानी उर्फ छोटू (26) व पुणा-बोम्बे मार्केट रोड एसएमसी आवास निवासी संतोष पाटिल उर्फ शाहिद (26) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

ये हुआ बरामद :

पुलिस को आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे, तीन कारतूस, दो कारें, एक मोटरसाइकिल, सात मोबाइल फोन व 99 लाख 14 हजार नकद मिला कर कुल एक करोड़ 16 लाख 91 हजार 300 रुपए का सामान बरामद हुआ है।

पुलिस टीम को एक लाख का इनाम

शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने बताया कि शुरू में कोई सुराग नहीं था। लेकिन पुलिस टीम ने अपनी सूझबूझ व तकनीक का उपयोग कर न सिर्फ अपहृत को सकुशल मुक्त करवाया बल्कि आठ अपहर्ताओं को पकडऩे में भी सफलता हासिल की।

Kidnapping : आखिर कौन सा कारनामा किया पुलिस ने कि सरकार ने की एक लाख रुपए के ईनाम की घोषणा

इस बारे में मैंने पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया व गृह विभाग को भी अवगत करवाया। पुलिस की इस सफलता के लिए एक लाख रुपए के प्रतिक पुरस्कार की घोषणा की गई है।

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Dinesh M Trivedi Reporting
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