पतंग उत्सव से दिया अंगदान का संदेश

पतंग उत्सव से दिया अंगदान का संदेश

Mukesh Kumar Sharma | Publish: Jan, 08 2017 11:21:00 PM (IST) Surat, Gujarat, India

डेढ़ साल पहले मेरे पिता की मृत्यु हुई थी, लेकिन अंगदान के निर्णय से लगता है कि वह हमारे आसपास मौजूद है।

सूरत।डेढ़ साल पहले मेरे पिता की मृत्यु हुई थी, लेकिन अंगदान के निर्णय से लगता है कि वह हमारे आसपास मौजूद है। पिता का अंगदान करने वाले बेटे ने यह बात कही। डोनेट लाइफ संस्था ने रविवार को अंगदान के प्रति जागरुकता के लिए पतंग उत्सव का आयोजन किया। इसमें किडनी और लीवर के मरीजों के साथ बड़ी संख्या में अंगदान करने वाले परिजन भी शामिल हुए।

कतारगाम क्षेत्र निवासी केतन भगवान बोदरा पत्नी शोभा बोदरा और पुत्री वरणी बोदरा के साथ अठवा लाइंस के केपी कॉमर्स कॉलेज ग्राउंड में पतंग उत्सव में शामिल होने आए। उन्होंने बताया कि उनके पिता भगवान भीखा बोदरा (75) को डेढ़ साल पहले पक्षाघात के अटैक के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। डोनेट लाइफ के प्रमुख नीलेश मांडलेवाला ने केतन से सम्पर्क किया तथा अंगदान के बारे में जानकारी दी।

केतन की सहमति मिलने के बाद मांडलेवाला ने अहमदाबाद, आईकेडीआरसी की टीम को सूरत बुलाया और अंगदान करवाया। एक किडनी सूरत निवासी वालजीभाई में ट्रांसप्लांट की गई। केतन ने बाद में वालजीभाई से भी मुलाकात की और उनके साथ कुछ समय बिताया। केतन के साथ उनके दोस्त प्रवीण सवाणी, पत्नी शीला तथा पुत्री रितु भी पतंग उत्सव में शामिल होने आए। प्रवीण ने कहा कि केतन द्वारा अंगदान का निर्णय सराहनीय है।

उधना दरवाजा पिंकसिटी निवासी विभाबेन वशराम वाणिया ने दो बार वर्ष 2003 और 2016 में किडनी ट्रांसप्लांट करवाया है। उन्होंने बताया कि पहली किडनी ने उन्हें चौदह साल का जीवन दिया। बाद में दूसरी बार किडनी ट्रांसप्लांट करवाई गई। उन्हें कांति लक्ष्मण मांगुकिया के ब्रेन डेड होने के बाद दूसरी बार किडनी मिली। कांतिभाई के दो बेटे हैं। इनमें बड़े बेटे कौशिक से वह ट्रांसप्लांट के बाद मिलीं। वह उन्हें बहन मानता है। सोशल मीडिया के जरिए कौशिक तथा उसके अन्य परिजन विभाबेन के कॉन्टेक्ट में रहते हंै। ज्वैलरी डिजाइन के व्यवसाय से जुड़ी विभा किडनी फेल मरीजों के लिए बनी प्रेरणा संस्था से भी जुड़ी हुई हैं।

पतंग उत्सव में शामिल होने वाले सभी लोगों को पतंग-टोपी का वितरण किया गया। पतंग पर 'जवानी में रक्तदान, ब्रेन डेड के बाद किडनी, लीवर और हृदयदानÓ स्लोगन छपे हुए थे। आसमान की ऊंचाइयों को छूने के बाद कटी पतंग जहां भी गिरेगी, अंगदान के प्रति लोगों को सोचने पर मजबूर करेगी।

पतंग उत्सव में महापौर अस्मिता शिरोया, उप महापौर शंकर चेवली, कलक्टर महेन्द्र पटेल, पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा, रेंज आईजी डॉ. शमशेर सिंह, डॉ. मुकुल चौकसी, डॉ. प्रफुल छासटिया, डॉ. प्रशांत नायक, डॉ. धिरेन पटेल, डॉ. आशित देसाई, चैम्बर प्रमुख बी.एस. अग्रवाल, स्थाई समिति चेयरमैन राजेश देसाई, नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के चेयरमैन हसमुख पटेल, क्रेडाई प्रमुख जसमत विडिया, डोनेट लाइफ के उप प्रमुख और दिल्ली आयकर विभाग के आयुक्त संदीप कुमार आदि मौजूद थे।

एसओटीटीओ की योजना

नीलेश मांडलेवाला ने बताया कि पतंग उत्सव में किडनी और लीवर फेल मरीजों के साथ-साथ उन लोगों को भी बुलाया गया था, जिन्होंने अपने परिजनों के अंगदान किए हैं। गुजरात में स्टेट ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट ओर्गेनाइजेशन (एसओटीटीओ) की भी योजना है। प्रति वर्ष डेढ़ लाख लोगों की दुर्घटना में मौत होती है। इनमें दस फीसदी लोग भी अंगदान का निर्णय करें तो कई किडनी, लीवर और हार्ट फेल मरीजों को नया जीवन मिल सकता है।

गुजरात अन्य राज्यों से आगे

पतंग उत्सव में नेशनल ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट ओर्गेनाइजेशन (एनओटीटीओ) के निदेशक विमल भंडारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि गुजरात में, खासकर सूरत तथा दक्षिण गुजरात में अंगदान को लेकर जागरुकता बढ़ी है। इसको आगे बढ़ाने के लिए और कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि गुजरात में अन्य राज्यों के मुकाबले अंगदान के प्रति जागरुकता अधिक है। डोनेट लाइफ के पतंग उत्सव को उन्होंने नया कॉन्सेप्ट बताया। पतंग पर जागरुकता संदेश लिखना और पतंगों को सैकड़ों लोगों तक पहुंचाना नया प्रयोग है।
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