जानिए कहां, वायु प्रदूषण बिगाड़ रहा सेहत

कैंसर समेत गंभीर रोगों में इजाफा
प्लास्टिक और अन्य वेस्ट जलाने से बढ़ा प्रदूषण

By: सुनील मिश्रा

Published: 23 May 2018, 10:10 PM IST


राजेश यादव. वापी. एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी वापी में रोगियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसके लिए वायु प्रदूषण को प्रमुख कारक माना जा रहा है। वलसाड सिविल अस्पताल एवं स्थानीय सरकारी चिकित्सा केन्द्र से मिल रहे आंकड़े इसे साबित करते हैं। जानकारी के अनुसार गत वर्ष ही वापी को क्रिटिकल पोल्यूटेड की सूची से बाहर निकाला गया था। इसके बाद भी प्रदूषण में कमी नहीं आई है। पिछले कुछ दिनों से कई कंपनियों में प्लास्टिक वेस्ट और अन्य वेस्ट जलाने से भी वायु प्रदूषण में बढोतरी के आरोप लगने लगे हैं। जानकारी के अनुसार पेपर मिलों से बड़े पैमाने पर प्लास्टिक वेस्ट निकलता है। कई लोगों का आरोप है कि अवैध रूप से कई कंपनियों द्वारा इस वेस्ट को बॉयलर में जलाया जाता है। इससे भी वायु प्रदूषण में वृद्धि हो रही है।


बढ़ते जा रहे हैं रोगी
वातावरण में जहरीली गैस के कारण वापी और आसपास गंभीर रोगी बढ़ते जा रहे हैं। इससे वापी और आसपास के लोगों में अस्थमा, गले का इंफेक्शन, नाक का इंफेक्शन और कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार एक वर्ष में अस्थमा के 1035, सांस संबंधित अन्य गंभीर रोगों से पीडि़त 4043, श्वास नली में इंफेक्शन के 260 और अलग-अलग प्रकार के कैंसर के 50 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। यही बात गत दिनों वापी चला सरकारी चिकित्सा केन्द्र के डॉक्टर शर्मा ने भी कही थी। इसमें कैंसर और त्वचा रोग के मामले हर साल बढ़ते जा रहे हैं। सिविल अस्पताल के सीडीएमओ के अनुसार कैंसर समेत कई गंभीर रोग के मामले सीधे-सीधे बड़े अस्पतालों में चले जाने के कारण पूरे मामले यहां नहीं आते हैं।

वायु प्रदूषण बड़ा कारण
वायु प्रदूषण कैंसर रोग का प्रमुख कारण है। औद्योगिक इकाइयों के कारण वायु प्रदूषण बढ़ा है। वायु प्रदूषण से पेट, गले, जीभ समेत कई प्रकार के कैंसर हो सकते हैं।
डॉ. केपी सिन्हा, पूर्व प्रभारी, वापी आरोग्य केन्द्र

 

अवैध रूप से जलाए जाते हैं प्लास्टिक वेस्ट
कंपनियों से निकलने वाले प्लास्टिक वेस्ट एवं अन्य कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धित से किया जाता है। जिसकी अनुमति के लिए कई तरह की शर्तों का पालन करना पड़ता है। वापी में इस तरह की अनुमति किसी को नहीं है। कई कंपनियों में खासकर पेपर मिलों से निकलने वाले प्लास्टिक वेस्ट को अवैध रूप से जलाने का आरोप लगता रहा है। वापी जीपीसीबी लैब के अधिकारी के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट जलाने से डायोक्सीन गैस निकलती है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। जीसीपीबी से मिली जानकारी के अनुसार वापी में प्लास्टिक वेस्ट जलाने की किसी को अनुमति नहीं है।

सुनील मिश्रा
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