जानिए इस उद्योग के लिए लॉकडाउन के बाद भी क्यों नहीं आसान डगर

सूरत के प्रसिद्ध हीरा उद्योग की टूटी कमर
सूरत से गांव निकले हीरा श्रमिकों के लौटने की उम्मीद कम
कई देशों में हीरों की मांग कम


Surat's famous diamond industry's broken back
Expectation of return of diamond workers from Surat village
Demand for diamonds is low in many countries

By: Sunil Mishra

Updated: 16 May 2020, 08:12 PM IST

सूरत. लॉकडाउन ने सूरत के दोनों मुख्य उद्योग कपडा और हीरा उद्योग की कमर तोड़ दी है। कोरोना के कारण जारी लॉकडाउन यदि एक-दो महीने बाद समाप्त भी हो जाए, तब भी हीरा उद्योग के लिए आगे का सफर मुश्किल होगा। आशंका है कि बड़ी संख्या में छोटे हीरा उद्यमियों को व्यापार बदलना पड़ सकता है।

सूरत का हीरा उद्योग मुख्य तौर पर निर्यात पर आधारित है। अमरीका, यूरोप , हांगकांग, दुबई सहित अन्य देशों में होने वाले निर्यात पर हीरा उद्योग ज्यादातर आधारित है। कोरोना के कारण दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन है। ऐसे में हीरों की डिमांड बहुत कम हो चुकी है। कुछ देशों से थोड़ी बहुत डिमांड है, लेकिन वह नाकाफी है। सूरत समेत देशभर मे लॉकडाउन के कारण कारखाने बंद होने से यहां माल का उत्पादन नहीं हो रहा। इसलिए माल भेज पाना भी मुश्किल हो रहा है। कई हीरा उद्यमियों को विदेश में बेचे माल के रुपए भी अभी तक नहीं मिले और कब मिलेगा यह तय नहीं है। बड़े हीरा उद्यमी तो जैसे तैसे पूंजी की व्यवस्था कर लेंगे, लेकिन छोटे हीरा उद्यमियों के लिए बड़ी मुसीबत होगी। छोटे और मध्यम हीरा उद्यमियों के लिए अपना अस्तित्व बचा पाना मुश्किल है।

https://twitter.com/shukla_tarun/status/1260857335444111362?s=20

https://www.patrika.com/mumbai-news/the-condition-of-small-shopkeepers-is-getting-worse-5961798/

https://www.patrika.com/surat-news/chief-minister-knows-the-condition-of-the-textile-market-6103525/

लॉकडाउन खुलते ही सबसे बड़ी समस्या हीरा श्रमिकों की हो सकती है
हीरा उद्यमी निलेश बोडकी ने बताया कि हीरा उद्योग के बाद लॉकडाउन खुलते ही सबसे बड़ी समस्या हीरा श्रमिकों की हो सकती है। सूरत से गए हीरा श्रमिक कम से कम 45 दिन के बाद ही वापस आ सकते हैं। इसके अलावा आगामी दिनों में बारिश का मौसम होने से वे खेती में जुट जाएंगे। तब उनका सूरत आना मुश्किल है। इसलिए सबसे बड़ी समस्या हीरा श्रमिकों की आ सकती है।
सरकार का कहना है कि सोशल डिस्टेन्स से साथ आगामी दिनों में व्यापार खुल सकता है, लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है सूरत के छोटे और मध्यम हीरा कारोबारी हीरे तैयार कर मुंबई के मार्केट में बेचते हैं। जब तक मुंबई का बाजार नहीं खुलेगा तब तक हीरा उद्यमियों के लिए मुसीबत ही है।
उनके पास व्यापार शुरू करने के लिए पूंजी का अभाव है और दूसरी ओर पेमेंट नहीं मिलने से वह आगे का व्यापार एकतरफा कैसे चला पाएंगे।
यदि केंद्र सरकार छोटे और मध्यम हीरा उद्यमियों के लिए बैंक ऋण आदि की व्यवस्था करती है तो हीरा उद्यमियों को थोड़ी राहत मिल सकेगी।

Show More
Sunil Mishra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned