लॉक डाउन के दौरान वेतन नहीं चुकाने को लेकर श्रम विभाग को मिले 166 शिकायतें

50 फीसदी शिकायतें अकेले हीरा उद्योग से, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर श्रम विभाग ने भेजे नोटिस

By: Sandip Kumar N Pateel

Updated: 29 Jun 2020, 02:08 AM IST

सूरत। लॉक डाउन के दौरान श्रमिकों को वेतन चुकाने से लेकर सहायता करने उद्योमियों की ओर से भले ही दावा किया जाता रहा हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अनलॉक के बाद लॉक डाउन के पीरियड में वेतन नहीं चुकाने को लेकर अब तक श्रम विभाग को 166 शिकायतें मिल चुकी हैं। विशेष बात यह है कि इनमें से 50 फीसदी शिकायतें अकेले हीरा उद्योग से है। श्रम विभाग ने मालिकों को नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आपस में समझौता करने का आदेश दिया है।


कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए करीब ढाई महीने तक देशभर में सख्ती से लॉक डाउन जारी था, जिससे सभी व्यापार - उद्योग बंद हो गए थे। इस विकट स्थिति में सबसे बुरे हाल श्रमिकों के होना तय था, जिससे सरकार ने उद्यमियों से अपील की थी कि वह कर्मचारियों को नौकरी से ना निकले और लॉक डाउन के समय में भी उन्हें वेतन चुकाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मालिकों की ओर से सहायता नहीं मिलने से श्रमिकों ने पलायन करना शुरू कर दिया और करीब 10 लाख प्रवासी श्रमिक शहर छोड़ गांव लौट गए। आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए 1 जून से सरकार ने अनलॉक की घोषणा की तो कुछ उद्योग - धंधे शुरू तो हुए, लेकिन इस दौरान लॉक डाउन के समय में वेतन नहीं चुकाने को लेकर शिकायतें सामने आने लगी। श्रमिकों के साथ ही कुछ लेबर यूनियनों ने भी श्रम विभाग से शिकायत कर न्याय के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वेतन के मसले पर कर्मचारी और मालिकों को साथ मैं बैठकर रास्ता निकाला जाए। इस दौरान श्रम विभाग को वेतन नहीं चुकाने को लेकर 166 शिकायतें मिली हैं। इनमे से 50 फीसदी यानी 80 जितनी शिकायतें हीरा उद्योग से है। इसके अलावा डाईंग मिल, आइटी कंपनी, इंश्योरेंस कंपनी, क्लब हाउस , प्राइवेट ऑफिस को लेकर शिकायतें मिली हैं। शिकायतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार श्रम विभाग ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर समझौते से विवाद निपटने का आदेश दिया है।

हीरा उद्योग से सबसे अधिक श्रमिकों को निकाला

अनलॉक के बाद श्रमिकों को वेतन नहीं चुकाने और नौकरी से निकालने के सबसे अधिक मामले हीरा उद्योग से सामने आए। हीरा उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक करीब 100 कम्पनियों से 1000 जितने श्रमिकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इनमें से कइयों ने जिला कलेक्टर से लेकर श्रम विभाग से शिकायत की है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है।

आपसी समझौते से मामला निपटाने को कहा है

वेतन नहीं चुकाने, आधा वेतन चुकाने और नौकरी से निकालने को लेकर 166 शिकायतें मिली हैं। सम्बन्धित इकाइयां और लोगों को नोटिस भेजकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार समझौते से विवाद निपटाने को कहा गया है।

जी. एल. पटेल, डिप्टी कमिश्नर, श्रम विभाग

Sandip Kumar N Pateel Reporting
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