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Dinesh O.Bhardwaj | Updated: 20 Dec 2018, 09:44:44 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

श्रद्धालुओं ने संतवृंद से आगामी चातुर्मास सूरत में करने का अनुरोध

सूरत. छह दिवसीय प्रवचन शृंखला के अंतिम दिन गुरुवार को राष्ट्रसंत चन्द्रप्रभ महाराज ने कहा कि जीने के नाम पर तो सभी जीते हैं, पर असली जीना उसका होता है जिसे जीने की कला आती है। आर्ट ऑफ लिविंग के सैकड़ों सूत्र हैं, पर यदि हम इसकी एबीसीडी भी सीख लें तो जीवन से जुड़े अनेक गिले-शिकवे मिटाए जा सकते हैं। महाराज समस्त सूरत खरतरगच्छ जैन श्रीसंघ एवं ललितचन्द्रप्रभ सूरत प्रवास व्यवस्था समिति के तत्वावधान में परवत पाटिया के साकेत टैेक्सटाइल मार्केट परिसर में आयोजित प्रवचन शृंखला में बोल रहे थे।
प्रवचन में महाराज ने आगे बताया कि सुखी जीवन का मंत्र यह है कि जो प्राप्त है उसे पर्याप्त समझना चाहिए। दूसरा विकास का मंत्र यह है कि बनना है तो खुद के जैसा बनो और सदैव रचनात्मक रहो। प्रत्येक व्यक्ति में सदैव यह विश्वास रहे कि ईश्वर उसके साथ है फिर पहाड़ जैसी बाधा भी मामूली सी लगने लगेगी। जीवन में समझौतावादी होना जरूरी है क्योंकि अपनों से टूटकर जीना विकृति है और एक-दूसरे का साथ निभाना हमारी संस्कृति है। जीवन में खुशहाल रहने के लिए अलग-अलग फार्मूले बताते हुए महाराज ने कहा कि जीवन में महत्वपूर्ण आपका योगदान है। जो सबकी भलाई का ध्यान रखता है संसार में वही कृष्ण और महावीर कहलाते हैं। प्रवचन कार्यक्रम के दौरान मौजूद विभिन्न संघों के पदाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने संतवृंद से आगामी चातुर्मास धर्मनगरी सूरत महानगर में करने का अनुरोध भी किया।


मीठो-मीठो बोल थारो कांई लागे...


छह दिवसीय प्रवचन शृंखला के समापन मौके पर गुरुवार को संत चंद्रप्रभसागर महाराज ने पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं को प्रवचन के दौरान मारवाड़ी भाषा में भजन भी सुनाया। मीठो-मीठो बोल थारो कांई लागे, चार दिनों रो जीणो है संसार, थारी मारी छोड़ कर सबने प्यार...भजन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इससे पूर्व मुनि शांतिप्रियसागर महाराज ने भी सात्विक विचारों से प्रेरित प्रवचन श्रद्धालुओं को सुनाए।


संत मिलन होगा आज


प्रवचन शृंखला के अंतिम दिन आयोजक संघ व समिति ने कार्यक्रम में सहयोगी बाड़मेर खरतरगच्छ जैन श्रीसंघ, शीतलवाड़ी जैन श्रीसंघ, कुशल जैन श्रीसंघ समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारियों का संतवृंद से सम्मान करवाया। वहीं, शुक्रवार सुबह नौ बजे संत ललितप्रभ व चंद्रप्रभ महाराज का लाडवी गांव में शिव मुनि से मंगल मिलन होगा और बाद में वहां पर सामूहिक प्रवचन कार्यक्रम होगा।

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