LOCKDOWN MARRIAGE: डेढ़ साल तक नहीं था मुहूर्त, फिर क्या हो गई शादी

शायद ईश्वर को यहीं मंजूर था तभी तो बगैर बैंड-बाजा और बाराती के ही दिव्या और मोहित मंगलवार को गिने-चुने परिजनों का आशीर्वाद लेकर दाम्पत्य सूत्र में बंध गए

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 05 May 2020, 08:52 PM IST

सूरत. शायद ईश्वर को यहीं मंजूर था तभी तो बगैर बैंड-बाजा और बाराती के ही दिव्या और मोहित मंगलवार को गिने-चुने परिजनों का आशीर्वाद लेकर दाम्पत्य सूत्र में बंध गए। इसकी बड़ी वजह थी कि वर-वधु की जन्मकुंडली के मुताबिक अगले डेढ़ वर्ष तक विवाह योग्य श्रेष्ठ सावा अर्थात मुहूर्त नहीं था और तब ही दोनों के परिजनों ने लॉकडाउन में ही विवाह का मन बना लिया। यह विवाह मंगलवार सुबह पूरे विधिविधान के साथ परवत पाटिया क्षेत्र के सत्यम अपार्टमेंट में सम्पन्न हुआ। इस शादी में वो सबकुछ हुआ जो सामान्य विवाह के दौरान होता है बस बैंड-बाजे नहीं बजे और बारातियों की खुशी उनके डांस में झलकी। राजस्थान में मूल सायरा के जैन परिवार का मानना है कि डेढ़ वर्ष तक दिव्या व मोहित की जन्मकुंडली के मुताबिक विवाह का श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं होने से यह विवाह चंद परिजनों की उपस्थिति में पूरी सादगी के साथ सम्पन्न करना पड़ा, लेकिन इसमें भी सभी को खुशी है।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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