LOCKDOWN: थर्ड पार्ट में भी पूरे पावर के साथ यहां रसोई तैयार

श्रीश्याम मंदिर व उमा भवन जरुरतमंदों की सेवा के बन गए बड़े केंद्र

By: Dinesh Bhardwaj

Updated: 05 May 2020, 08:42 PM IST

सूरत. हजारों जरुरतमंदों को 25 मार्च से ही लगातार सामाजिक सेवा का स्नेह रस घोलकर भोजन परोसने के मामले में श्रीश्याम मंदिर व उमा भवन ने लॉकडाउन के दौरान शहर में एक नई मिसाल बना दी है। श्रीश्याम मंदिर से श्रीश्याम सेवा ट्रस्ट और उमा भवन से श्रीलक्ष्मीनाथ सेवा समिति ने अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ यह मुकाम हासिल किया है।
कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने व बचाव के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने 22 मार्च को जनता कफ्र्यू व 25 से 21 दिवसीय लॉकडाउन की शुरुआत की थी और उसी दौरान प्रशासन समेत सेवाभावी संस्थाओं ने काम के अभाव में शहर के हजारों-लाखों जरुरतमंदों की भूख को मिटाने का संकल्प कर लिया था। उसके अनुरूप प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन के पहले पार्ट तक साढ़े तीन सौ से ज्यादा संस्थाएं जरुरतमंदों को भोजन मुहैया कराने में योगदान देती रही और 15 अप्रेल से 19 दिवसीय सैकंड पार्ट में इनकी संख्या में कमी आई और 4 मई से शुरू हुए लॉकडाउन के 17 दिवसीय थर्ड पार्ट में तो सेवा गतिविधि में सक्रिय सेवाभावी संस्थाओं की गिनती नाममात्र की रह गई, हालांकि हजारों-लाखों लोग सूरत से अपने-अपने वतन लौट भी चुके हैं। इसके बावजूद अभी भी शहर में कई जरूरतमंद है जिनके भूखे पेट की चिंता यह संस्थाएं कर रही है।


श्रीश्याम मंदिर


वेसू क्षेत्र के श्रीश्याम मंदिर से श्रीश्याम सेवा ट्रस्ट नाम के अनुरूप ही जरुरतमंदों के सेवाकार्य में 23 मार्च से ही सक्रिय बना हुआ है। यहां पर विधायक झंखना पटेल और उनके सहयोगी पीएन चेरिटेबल ट्रस्ट, सूरत सुपरबाइकर्स क्लब व अन्य संस्थाएं भी गत 45 दिनों से लगातार हजारों जरुरतमंदों को भोजन पहुंचाने में तत्पर बनी हुई है। यहां से प्रतिदिन शहर के पांडेसरा, वड़ोद, जियाव, भेस्तान, उन, गोडादरा, भटार-अलथाण, हजीरा, उधना-मगदल्ला रोड आदि क्षेत्र के जरुरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का कार्य कर रही है। श्रीश्याम मंदिर की श्याम रसोई में दो हजार फूड पैकेट से शुरू हुआ सेवाकार्य 40 हजार प्रतिदिन तक पहुंचा है।


ठाकुरजी की रसोई


शेखावाटी के आराध्यदेव श्रीलक्ष्मीनाथ भगवान की ठाकुरजी की रसोई भी गत 40 दिनों से लगातार हजारों जरुरतमंदों के लिए पूरी तरह से चालू है और लॉकडाउन के थर्ड पार्ट में भी श्रीलक्ष्मीनाथ सेवा समिति अपनी सहयोगी रामरोटी सेवा संघ के साथ भटार रोड पर उमा भवन में डटी हुई है। समिति का मानना है कि देने वाले ठाकुरजी और लेने वाले ठाकुरजी तो फिर हम सेवा से भला दूर कैसे रहें और यहीं कारण है कि एक हजार फूड पैकेट्स से शुरू की गई ठाकुरजी की रसोई में अब 35 हजार फूड पैकेट्स प्रतिदिन तैयार हो रहे हैं। गत तीन मई तक उमा भवन से विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से साढ़े नौ लाख जनों को प्रसाद परोसा जा चुका था।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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