LOKSABHA: जल्द हो पाकिस्तान में कैद मछुआरों की रिहाई और नौकाओं की मुक्ति

राजस्थान पत्रिका ने हाल ही में उठाया था यह मुद्दा, गुजरात के तीन-तीन सांसदों ने किए सवाल

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 24 Sep 2020, 09:00 PM IST

सूरत. पाकिस्तान की ओर से बार-बार अरब सागर में भारतीय मछुआरों को इंडियन मेरीटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) क्रॉस करने के आरोप में गिरफ्तार करने के मामले में गुजरात के तीन-तीन सांसदों ने लोकसभा सदन में यह मामला उठाया है। उन्होंने सरकारी स्तर पर वार्ता कर पाकिस्तान में कैद 270 भारतीय मछुआरों और 18 वर्ष से जब्त 1100 से अधिक नौकाओं की मुक्ति की मांग की है।
भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद केवल जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सीमा से आतंकवादियों की घुसपैठ तक ही सीमित नहीं है बल्कि अरब सागर की जलीय सीमा में भारतीय मछुआरों की जबरन धरपकड़ से भी जुड़ा है। हाल ही में इस मामले में लोकसभा के सदन में पहले दमण-दीव के सांसद लालु पटेल फिर पोरबंदर के सांसद रमेश धड़ुक व बुधवार को जुनागढ़ के भाजपा सांसद राजेश चुड़ास्मा ने जोर-शोर से उठाया है। यहीं मुद्दा 11 सितम्बर को ही राजस्थान पत्रिका सूरत संस्करण ने भी 'लाल परी का लालच ले जाता है पाकिस्तान, जहां शिकारी खुद बन जाता है शिकारÓ शीर्षक से खबर छापी थी और उसमें बताया था कि किस तरह से पाकिस्तान मरीन सिक्यूरिटी एजेंसी के जवान इंडियन मेरीटाइम बॉर्डर लाइन के पास से भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर पाकिस्तान ले जाते हैं।


विदेश मंत्रालय से दखल की मांग


16 सितम्बर को लोकसभा के सदन में दमण-दीव के भाजपा सांसद लालु पटेल ने भारतीय मछुआरों की पाकिस्तानी नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों की इंडियन मेरीटाइम बॉर्डर लाइन (आईएमबीएल) के पास से जबरन धरपकड़ का मुद्दा उठाया। पटेल ने सदन को बताया कि पाकिस्तान में गत तीन वर्षों से 270 भारतीय मछुआरे कैद है और कई वर्षों से कीमती नौकाएं जब्त है। इन सभी की मुक्ति के बारे में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय स्तर पर बातचीत के माध्यम से जल्द कराई जानी चाहिए।


पत्र तक लिखने नहीं देते


संसद में सांसद लालु पटेल, रमेश धड़ुक व राजेश चुड़ास्मा ने अपनी-अपनी बारी आने पर बताया कि कुछ वर्षों पहले तक पाकिस्तान के कराची व आसपास की जैलों में कैद भारतीय मछुआरे पत्र लिखकर घर-परिवार को हाल-चाल बता देते थे लेकिन, अब तो उन्हें पत्र भी लिखकर भेजने नहीं देते। इससे यहां उनके परिजनों में पाकिस्तान में कैद मछुआरों के प्रति सदैव चिंता का माहौल बना रहता है। इतना ही नहीं जब्त अच्छी नौकाओं के इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिलती है।


भारतीय बोट पर फायरिंग का भी मामला


अरब सागर में मत्स्याटन के दौरान पाकिस्तान मरीन सिक्युरिटी एजेंसी के जवानों द्वारा भारतीय मछुआरों की बोट पर फायरिंग का मामला भी गुरुवार को सामने आया है। फायरिंग में घायल मछुआरे को लेकर देवलाभ नामक बोट सुबह ही ओखा पहुंची और यहां घायल मछुआरे धीरु टंडेल ने बताया कि अरब सागर में मत्स्याटन के दौरान पाकिस्तानी जवानों ने बोट पर चार राउंड फायरिंग की। इसमें एक गोली उसकी कंधे पर लगी थी। बोट में सवार सभी पांचों मछुआरे सुबह ओखा पहुंचे और कोस्टगार्ड को पूरे मामले की जानकारी दी और घायल का उपचार करवाया गया।


कमेटी में भी रखेंगे प्रश्न


संसद में भारतीय मछुआरों और जब्त नौकाओं की मुक्ति का प्रश्न उठाने के बाद अब संसद की स्थाई समिति की एडहॉक कमेटी में भी रखेंगे। फायरिंग की घटना की भी जानकारी मिली है। गुरुवार को गुजरात विधानसभा में भी यह मामला उठाया गया है।
लालु पटेल, भाजपा सांसद, दमण-दीव संसदीय क्षेत्र

Dinesh Bhardwaj Reporting
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