सूरत में कोविड के सुपरविजन का जिम्मा थेन्नारसन को

राज्य सरकार ने सूरत समेत चार शहरों के लिए वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों को दी जिम्मेदारी

By: विनीत शर्मा

Published: 17 Mar 2021, 11:10 PM IST

सूरत. शहर समेत गुजरातभर में जिस तरह से संक्रमण बेकाबू हो रहा है, राज्य सरकार ने इस पर काबू पाने के लिए सूरत समेत चार शहरों में वरिष्ठ आइएसएस अधिकारियों को जिम्मा सौंपा है। सूरत में कोविड की स्थितियों के सुपरविजन और मार्गदर्शन के लिए एम थेन्नारसन को जिम्मेदारी दी गई है। थेन्नारसन सूरत महानगर पालिका में मनपा आयुक्त रह चुके हैं और शहर की स्थितियों व गणमान्य लोगों से भलीभांति परिचित हैं।

शहर में दिनोंदिन कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैें। इन पर काबू पाने के लिए मनपा प्रशासन ने सख्ती बरतने के साथ ही कई अन्य जरूरी कदम भी उठाए हैं। लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से पाबंदियों में ढील दी गई थी, मामले बढऩे पर उसी क्रम में पाबंदियां फिर लगने लगी हैं। नाइट कफ्र्यू के साथ ही शहर में बाग-बगीचे और शांतिकुंज बंद कर दिए गए हैं। अधिक प्रभावित इलाकों में सिटी और बीआरटीएस बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। मॉल्स व शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों को शनिवार व रविवार को बंद करने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

राज्य सरकार भी सूरत समेत गुजरातभर में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बुधवार देर रात बैठक के बाद सूरत समेत प्रदेश के चार शहरों अहमदाबाद, वडोदरा और राजकोट के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके लिए प्रदेश के वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों को लगया गया है। यह अधिकारी संबंधित शहरों में कोविड की स्थितियों की मॉनिटरिंग करेंगे और स्थानीय प्रशासन को संक्रमण से निपटने की प्लानिंग में मार्गदर्शन देकर सहयोग करेंगे। सूरत के लिए यह जिम्मेदारी सूरत मनपा के पूर्व आयुक्त एम थेन्नारसन को दी गई है। इसके अलावा वडोदरा में सूरत मनपा के पूर्व आयुक्त मिलिंद तोरवणे व विनोद, अहमदाबाद में राजीव गुप्ता और राजकोट में राहुल गुप्ता को लगाया गया है। राज्य सरकार ने वडोदरा में दो अधिकारियों को लगाया है।

गौरतलब है कि कोरोना के पहले दौर में संक्रमण जब बेकाबू होने लगा था, राज्य सरकार ने प्रदेशभर में वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर दूसरे शहरों में भेजा था। हालांकि उस वक्त इस तरह की स्पेसिफिक जिम्मेदारी देने से राज्य सरकार ने परहेज बरता था। स्वास्थ्य सचिव को भी राज्य सरकार ने सूरत समेत दूसरी जगहों पर कैंप कराया था। कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री रुपाणी खुद भी सूरत आए थे और संक्रमण पर काबू पाने के लिए अधिकारियों को फ्री हैंड देकर गए थे।

COVID-19
विनीत शर्मा Reporting
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