आदमखोर तेंदुए ने मांडवी में चार साल की बच्ची की ली जान

वर्ष 2010-11 में तेंदुए ने 4 लोगों को ली थी जान

हाल श्रमिक परिवार की चार वर्षीय बच्ची को बनाया शिकार

By: Sanjeev Kumar Singh

Updated: 03 Jan 2020, 09:16 PM IST

बारडोली.
तापी नदी किनारे बसे गांवों में आदमखोर तेंदुए ने वर्ष 2010-11 की याद ताजा करा दी है। तेंदुए ने वरेली और अरेठ गांवों में चार लोगों का शिकार कर मौत के घाट उतार दिया था, वहीं कई लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। उस दौरान वन विभाग की ओर से तेंदुए को मारने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद शार्प शूटरों की मदद से तेंदुए को मार दिया गया था। वहीं इस क्षेत्र में फिर एक तेंदुआ आदमखोर हो चुका हैं। तेंदुए ने अब तक तीन से अधिक बच्चों पर हमला किया है। इसमें पातल गांव में श्रमिक परिवार की 4 वर्षीय बच्ची को तेंदुए ने मार डाला।

आदमखोर तेंदुए ने मांडवी में चार साल की बच्ची की ली जान

वर्ष 2010-11 के बाद एक बार फिर आदमखोर तेंदुआ ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों में दहशत का माहौल है। इस बार तेंदुआ गन्ना कटाई के लिए आए श्रमिकों के पड़ाव को अपना टार्गेट बना रहा है। मजदूरो का पड़ाव ज्यादातर गांव से दूर और खेतों मे होने के कारण तेंदुआ सरलता से वहां पहुंच जाता है। टूकेड, अरेठ सहित आसपास के गांव में रह रहे श्रमिक परिवार के बच्चों पर पिछले दिनों तेंदुए ने हमला किया था। लोगों की सतर्कता से बच्चों को तेंदुए की चुंगल से बचा लिया गया।


वहीं गुरुवार रात 8 बजे मांडवी तहसील के पातल गांव में तेंदुए ने मजदूरों के पड़ाव पर निशाना साधा। पड़ाव से एक तेंदुआ ने चार वर्षीय शिवानी को उठा ले गया। काफी खोजबीन के बाद शिवानी का शव क्षत-विक्षत हालत जंगल से मिला। इस घटना से श्रमिकों में दहशत का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से शीघ्र आदमखोर तेंदुए को पकडऩे की मांग की। लोगों की शिकायत पर वनकर्मियों ने पिंजरा लगा तेंदुए को पकडऩे के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।

आदमखोर तेंदुए ने मांडवी में चार साल की बच्ची की ली जान

वन विभाग ने मजदूरों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई शुरू

पातल गांव की घटना के बाद वन विभाग की ओर से दो टीम गठित कर तेंदुए के फुटप्रिंट और उसके आने जाने का रास्ता के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं तेंदुए की उम्र, नर व मादा है इस बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही वन विभाग ने असुरक्षित पड़ावों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का काम भी किया जा रहा है। वनकर्मी मजदूरों और ग्रामीणों को तेंदुए के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वन विभाग के आरएसओ उपेंद्रसिंह ने बताया कि तेंदुए को ढूंढने के प्रयास शुरू किए हैं। वन विभाग के 30 कर्मचारी और 2 एनजीओ के सदस्य तेंदुए को पकडऩे में जुटे हैं।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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