OMG : चोरी के रुपयों से ओडिसा और सूरत के बीच हवा में उड़ता था शातिर

- 7 सालों में औद्योगिक क्षेत्रों के 30 कारखानों और गोदामों में किया हाथ साफ

- क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार, नकदी समेत 8.92 लाख सामान भी बरामद

- Vicious flying in the air between Odisha and Surat due to theft

- Crime Branch arrested, 8.92 lakh items including cash also recovered

By: Dinesh M Trivedi

Updated: 24 Feb 2021, 11:41 PM IST

सूरत. शहर के औद्योगिक क्षेत्रों के कारखानों व गोदामों में चोरी करने वाले एक शातिर को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नकदी समेत 8.92 लाख का सामान जब्त किया है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक आरोपी लाला उर्फ नेलू बिसोई (29) ओडिसा के गंजाम जिले के सीसुंदा गांव का निवासी है तथा लिम्बायत के केशवनगर में किराए के मकान में रहता है।

शातिर लाला 2010 में चोरी के तीन मामलों में कतारगाम, महिधरपुरा व उधना थानों में पकड़ा जा चुका है। प्राथमिक पूछताछ में उसने पिछले दिनों पुणागाम क्षेत्र स्थित भाग्योदय इंडस्ट्रियल एस्टेट के एक कारखाने में चोरी करना कबूल किया। उसके बाद कड़ी पूछताछ में उसने अकेले ही शहर के अलग अलग इलाकों में चोरी कुल 30 घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया।

उसने बताया कि वह 2014 से औद्योगिक इलाकों में चोरी कर रहा था। चोरी में तगड़ा माल मिलने पर सूरत से फ्लाइट पकड़ कर ओडिसा अपने गांव चला जाता था। रुपए खत्म होने पर लौट आता और फिर सक्रिय हो जाता था। उसकी हाई-फाई लाइफ स्टाइल के बारे में पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिलने पर पुलिस ने तस्दीक की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

ये हुआ बरामद :


पुलिस को लाला के कब्जे से 6.24 लाख नकद, अलग-अलग देशों के 33 नोट, 36 साडिय़ां व महंगे लहंगे जिनकी कीमत 2.28 लाख रुपए है, एक स्कूटर, विभिन्न तरह के औजार, कमर में बांधने वाला कपड़ा बरामद हुआ, जिन्हें व चोरी करने में इस्तेमाल करता था।

यहां की चोरियां :


शातिर लाला ने 2014 से 2021 के दौरान शहर की खटोदरा जीआइडीसी में 11, उधना उद्योगनगर में 5, पांडेसरा प्रमुख पार्क व भगवती इंडस्ट्री में 2, लिम्बायत के महाप्रभुनगर व नारायण नगर औद्योगिक में 2 व पुणागाम समेत अन्य मिला कर चोरी की कुल 30 घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है।

ऐसे करता था चोरी :

पुलिस ने बताया कि लाला शुरू में साइकिल स्कूल में बैग में औजार छिपा कर शाम सात बजे निकलता था। औद्योगिक इलाकों में बंद कारखानों और गोदामों की रेकी करता था। रात में उनके पास सोने का ढोंग करता था। रात एक बजे मुख्य दरवाजे का ताला या कुंडी तोड़कर प्रवेश करता। कहीं दीवार में सेंघ भी लगाता था।

अंदर दाखिल होकर नकदी, कीमती कपड़े व सामान चुरा कर सुबह चार बजे तक बाहर निकल आता था। फिर जहां साइकिल छिपाई होती है, वहां पहुंचता और अपने कमरे पर लौटता था। शुरू में कुछ घटनाओं को अंजाम देने के बाद उसने चोरी के रुपयों से स्कूटर खरीद लिया था। बाद में साइकिल की जगह स्कूटर का इस्तेमाल कर रहा था।

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Dinesh M Trivedi Reporting
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