छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी में गड़बड़ी!

- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्वनिर्भर स्कूलों के विद्यार्थियों की उपस्थिति के मामले को लेकर वेरिफिकेशन करने का किया निर्णय
- आरटीइ विद्यार्थियों की जानकारी में नहीं कोई तालमेल, निरीक्षकों को सहयोग नहीं देने पर स्कूलों पर होगी कार्रवाई

सूरत.
स्कूलों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी में गड़बड़ी पाई गई है। खासकर राइट टू एज्यूकेशन एक्ट (आरटीइ) के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या और उपस्थिति में तालमेल नहीं मिला है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्वनिर्भर स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति के मामले में वेरिफिकेशन करवाने का निर्णय किया है।

स्वनिर्भर स्कूलों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति के मामले में एक और नया विवाद खड़ा हो गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और ऑनलाइन जमा की जा रही उपस्थिति में तालमेल नजर नहीं आ रहा है। खासकर राइट टू एज्यूकेशन एक्ट(आरटीइ) के अंतर्गत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति में गड़बड़ी नजर आ रही है। इसलिए अब ऐसे स्कूलों में वेरिफिकेशन किया जाएगा। स्कूलों को आदेश दिया गया है कि वेरिफिकेशन के लिए आने वाले निरीक्षक को सहयोग दिया जाए। निरीक्षक को विद्यार्थियों की संख्या, प्रवेश का वर्ष, आवेदन क्रमांक, आरटीइ विद्यार्थी का नाम, आरटीइ प्रवेश का वर्ष, स्कूल छोड़ गए विद्यार्थियों का नाम-संख्या, स्कूल छोडऩे का वर्ष और कारण सभी देना होगा। वेरिफिकेशन में सहयोग नहीं देने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

- उपस्थिति को लेकर चल रहा है विवाद
पहले से ही स्वनिर्भर स्कूल विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश में सहयोग नहीं दे रहे हैं। साथ ही आरटीइ प्रवेश का भी विरोध किया जा रहा है। एफआरसी की ओर से तय की गई फीस को लेकर संचालक नाराज है। उधर, स्कूल की फीस को लेकर अभिभावक भी परेशान हैं। इन सभी कारणों के बीच विद्यार्थी और अभिभावक हैरान हो रहे हैं। संचालक एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार निरीक्षकों को भेज स्कूल पर नियंत्रण पाने का प्रयास कर रही है। निरीक्षकों के वेरीफिकेशन पर आने से भी संचालक नाराज हैं। संचालकों ने निरीक्षकों को सीआरसी को वेरिफिकेशन पर नहीं भेजने के लिए सरकार को पत्र भी भेजा है। इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सीआरसी को वेरिफिकेशन में सहयोग देने का कड़ा आदेश दिया है।

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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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