गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक पोषाहार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले मोबाइल

गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक पोषाहार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले मोबाइल

Sanjeev Kumar Singh | Publish: Sep, 16 2018 09:54:39 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 09:54:40 PM (IST) Surat, Gujarat, India

हर घर पोषण कार्यक्रम आयोजित

दमण.

दमण में महिला और विकास परियोजना समाज कल्याण द्वारा हर घर पोषण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अनेक गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषाहार सामग्री वितरित की गई। वहीं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिए गए।

 

नानी दमण शिक्षा भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य सचिव एसएस यादव ने किया। उनके साथ समाज कल्याण के उप सचिव हरमिन्दर सिंह, पालिका के सीओ वैभव रिखारी, ब्रांड एम्बेसडर तरुणाबेन पटेल और पिंकी दर्जी उपस्थित थीं। स्वास्थ्य सचिव यादव ने कार्यक्रम में कहा कि परिवार में पत्नी अपने पति का ज्यादा ध्यान रखती है और खुद का ध्यान कम रखती है।

 

उसे भी पौष्टिकआहार लेना चाहिए। गर्भवती महिला भी अपना ध्यान रखें, ताकि बच्चा स्वस्थ रहे और उस बच्चे का भी कम से कम 9 माह तक ध्यान रखना जरूरी है। प्रशासन की ओर से स्वाभिमान योजना में 7 किलो पूरक सामग्री मिल रही है, उसका उपयोग करंे। ताकत विटामिन की गोली खाने से नहीं आती बल्कि खाना खाने से आती है। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को 7 किलो पौष्टिक आहार वितरण किया गया।

 

दमण-दीव प्रशासन की योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रतिमाह गेहूं, चावल, सींग की चक्की, तुअर दाल, मगदाल और चना कुल 7 किलो की वस्तुएं मिलती हैं। दमण की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने कार्य के दौरान 17 रजिस्ट्रर में अपनी एन्ट्री करनी पड़ती है। इसके लिए प्रशासन ने मोबाइल दिए हैं, जिसमें कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हैं। इससे ऑनलाइन रजिस्टर और रिकार्ड रखा जाएगा।

 

कार्यक्रम में मेरी पोषण कहानी पुस्तक भी वितरित की गई। दमण के शहरी विस्तार में 350 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक सामग्री मिल रही है। कार्यक्रम का संचालक जयेश जोशी और मोनिका बारठ ने किया।

 

गमले में बनाए मिट्टी के गणेश

बारडोली. सूरत जिले में गणपति महोत्सव की धूम मची हुई हैं। गणेशोत्सव का त्योहार आते ही प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति विसर्जन के कारण नदी, तालाबों में जल प्रदूषण का मुद्दा उठने लगता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं में इन दिनों रंग के जगह पर पेंट का इस्तेमाल जल प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। वहीं कुछ पर्यावरण प्रेमी जल प्रदूषण रोकने और लोगों में जागरूकता लाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

 

वहीं मांडवी तहसील के सरकुई गांव स्थित तापीवन विद्यालय के शिक्षक बारडोली निवासी अशोक कुमार सोलंकी गणेशोत्सव कुछ अलग तरीके से मना रहे हैं। सोलंकी ने अपने निवास स्थान बारडोली के शालिग्राम सोसायटी और तापीवन विद्यालय में मिट्टी से बनाए गए गणपति प्रतिमाएं स्थापित की है।

 

यह मूर्ति उन्होंने पेड़-पौधा लगाने वाले गमले में स्थापित की है। गमले में स्थापित भगवान गणेश की दस दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को कुंडे में ही विसर्जित किया जाएगा। बाद में इसी मिट्टी में पौधा लगाया जाएगा। इसके अलावा अशोक कुमार ने पर्यावरण व जलप्रदूषण के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य से शाला में -छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई।

Ad Block is Banned