मानसून में गंदे पानी से लबालब हो जाएंगी बस्तियां

मानसून में गंदे पानी से लबालब हो जाएंगी बस्तियां

Sunil Mishra | Updated: 04 Jun 2019, 06:39:31 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

झुग्गी-झोपडिय़ों एवं कच्ची बस्तियों से जल निकास का अभाव


सिलवासा. नगरपालिका क्षेत्र में किराए की चालों एवं कच्ची बस्तियों में जल निकास की नालियां नहीं है। झुग्गी झोपडिय़ां और कच्ची बस्तियों में निकलने वाला गंदा जल आसपास के खाली जगहों में एकत्रित होता रहता है। इन्दिरा नगर, चाणदेवी, रोहितवास, बाविसा फलिया, टोकरखाड़ा की चाल एवं कच्ची बस्तियों में निकलने वाले दूषित जल की पाइपों को सीधे गटर की पाइप में जोड़ दी गई हंै। इससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गन्ध का आलम है। गटरों में दूषित जल प्रवाह सेे भूमिगत जल भी प्रदूषित हो रहा है।
बाविसा फलिया, इन्दिरा नगर, चाणददेवी रोड में अवैध बस्तियों की संख्या ज्यादा है। यहां भू-मालिकों ने अवैध चाल बनाकर मकान किराए पर दे रखे हैं। इन चालों में रहने वाले निवासियों को स्वच्छ जल, खुला वातावरण, सुरक्षा के साधन उपलब्ध नहीं हैं। ज्यादातर चालों में गटर नहीं बने हैं। इनके बाथरूम व शौैचालय की पाइपों का कनेक्शन सीधे गटर की बंद नालियों से जोड़ा गया है। इससे गटरों में दुर्गन्ध एवं मच्छरों की तादाद बढ़ गई हैै। कई जगह ख्ुाले नालों में शौचालय का अपद्रव्य बहा दिया जाता हैं। टोकरखाड़ा में बहने वाले नाले में दूषित द्रव्य की भरमार है। नालों का दूषित जल और अपशिष्ट दमणगंगा नदी में प्रवाहित होते हंै। लोगों का आरोप है कि नालों में गंदगी बढ़ जाने से आसपास की बस्तियों में रहना मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि नगरपालिका अवैध बस्तियों की अनदेखी कर रही है।


नालियां गंदगी से अटी
औद्योगिक विस्तारों में जल निकास की नालियां गंदगी और मिट्टी से भरी हैं। मानसून पूर्व नालियों की साफ सफाई की अनदेखी की जाती हैं, जिससे अक्सर मानसून में जलभराव की समस्या रहती है। पिपरिया, आमली, डोकमर्डी इंडस्ट्रियल क्षेत्र में जल निकास की नालियां मिट्टी एवं कचरे से अटी हैं। गटरों में गंदगी, कूड़ा-करकट भरा है। कई जगह मरम्मत के अभाव से नालियां टूट गई हैं, जिससे प्रदूषित जल सडक़ों पर बह रहा है। यहां के निवासियों ने नालियों की मरम्मत के लिए कई बार प्रशासन को अवगत कराया है। उद्योगपतियों का कहना है कि मानसून पूर्व कार्यों में औद्योगिक परिक्षेत्रों में अनदेखी कर रही है।

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