चौबीस घंटे में सुलझी 12 लाख की लूट की गुत्थी  

कर्ज चुकाने के लिए इंडिया मार्केट की एक फर्म में काम करने वाले युवक ने 12 लाख रुपए की लूट का नाटक रचा, लेकिन वह अधिक देर तक टिक नहीं पाया

By: शंकर शर्मा

Published: 14 Apr 2016, 11:47 PM IST

सूरत. कर्ज चुकाने के लिए इंडिया मार्केट की एक फर्म में काम करने वाले युवक ने 12 लाख रुपए की लूट का नाटक रचा, लेकिन वह अधिक देर तक टिक नहीं पाया। पुलिस की लगातार पूछताछ में आखिरकार उसने सच कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर 24 घंटे में ही पुलिस ने रुपए भी बरामद कर लिए।

उधना थाना प्रभारी पी.बी. सापरा ने बताया कि उधना श्रीनाथजी अपार्टमेंट निवासी रमेश राकांवत (30) रिंग रोड पर इंडिया मार्केट की जय भारत इंटरप्राइज में कलेक्शन एजेंट है। बुधवार रात उसने प्राथमिकी दर्ज करवाई थी कि एक मोटर साइकिल पर आए तीन युवकों ने उससे 12 लाख रुपए नकद लूट लिए।

शाम को वह अपने कार्यालय से 5 लाख रुपए नकद लेकर जस मार्केट के सर्राफ मोंटू ठक्कर के यहां गया। वहां से 7 लाख रुपए लिए। शाम साढ़े पांच बजे वह 12 लाख रुपए देहगाम के एक व्यापारी नीलेश को भेजने के लिए उधना सिलीकॉन शॉपर्स स्थित पी.एम. आंगडिया पेढ़ी पर जा रहा था। भाठेना खाड़ी पुल के निकट एक मोटर साइकिल पर आए तीन युवकों ने उसे रोका। उनमें से एक ने हेल्मेट पहन रखा था और शेष दो ने अपने मुंह रूमाल से बांध रखे थे। उनमें से एक ने उसकी कमर में रिवॉल्वर लगा दी। उसके बाद उन्होंने बैग से 12 लाख रुपए निकाले और रोकडिया हनुमान मंदिर की तरफ फरार हो गए। इस घटना के संबंध में खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन घटना की पुष्टि करने वाला कोई सुराग नहीं मिला।

पुलिस ने इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले, लेकिन जिस तरह के मोटर साइकिल सवार रमेश बता रहा था, वैसे कहीं नजर नहीं आए। मामला संदिग्ध नजर आने पर पुलिस ने रमेश से ही पूछताछ शुरू की। लगातार पूछताछ से वह टूट गया। राजस्थान के नागौर जिले के खेंयाला गांव के मूल निवासी रमेश ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उसने सर्राफ मोन्टू ठक्कर से एक लाख रुपए उधार लिए और चुका भी दिए थे। मोन्टू को उस पर भरोसा हो गया था। महीनाभर पहले उसने फिर मोन्टू से रुपए उधार लिए तथा ब्याज पर किसी और को दे दिए। मोन्टू के रुपए चुकाने के लिए उसने लूट की साजिश रची। मोन्टू से सात लाख रुपए लेने के बाद उसने उसमें से 6 लाख 20 हजार रुपए उसे लौटा दिए और शेष रुपए अपने घर रख लिए। उसके बाद भाठेना खाड़ी पुल पर आकर उसने लूट का नाटक रचा। पूछताछ के बाद पुलिस ने रुपए बरामद कर लिए और उसे गिरफ्तार कर लिया।

यूं हुआ शक
पुलिस ने बताया कि जब रमेश ने बताया कि लुटेरों ने रुपए बैग की चेन खोल कर निकाले तो माथा ठनका, क्योंकि ऐसे मामलों में अधिकतर लुटेरे बैग छीन कर ले जाते हैं, बैग की चेन खोल कर इत्मीनान से रुपए नहीं निकालते। संदेह होने पर घटना की पुष्टि के प्रयास किए गए तो कहीं से कोई पुष्टि नहीं हुई। संदेह गहराने पर उसी से पूछताछ शुरू की गई।
शंकर शर्मा
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