NATIONAL NEWS: 42 दिन बाद पाकिस्तान से आएगी रमेश की मृतदेह

गुरुवार शाम वाघा बॉर्डर पर पहुंची मृतदेह, मतस्य विभाग की टीम अमृतसर पहुंची और शुक्रवार शाम तक कोडिऩार लाने की उम्मीद

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 06 May 2021, 07:52 PM IST

सूरत. आखिरकार बड़ी लम्बी जद्दोजहद के बाद भारतीय मछुआरे रमेश सोया की मृतदेह का अंतिम संस्कार संपन्न हो सकेगा। सोया की मृत्यु के 42 दिन बाद उनकी मृतदेह पाकिस्तान में कराची जेल से शुक्रवार शाम तक गुजरात के गिरसोमनाथ जिले की कोडिऩार तहसील स्थित उनके परिजनों के पास पहुंच पाएगी। गुजरात मतस्य विभाग की टीम भारतीय मछुआरे रमेश सोया की मृतदेह लेने के लिए गुरुवार देर शाम तक अमृतसर पहुंच गई थी।
गुजरात समेत देशभर की समुद्री सीमा में मत्स्याटन करने वाले भारतीय मछुआरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कई सामाजिक संगठनों के प्रयासों से कोडिऩार तहसील के नानावाड़ा गांव के मछुआरे रमेश सोया की मृतदेह आखिरकार शुक्रवार को उनके परिजनों के पास पहुंचेगी और अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इस संबंध में समुद्र श्रमिक सुरक्षा संघ के बालुभाई सोया ने बताया कि भारत व पाकिस्तान में सक्रिय पीपल्स फॉरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी, पोरबंदर बोट एसोसिएशन आदि संगठनों ने इस मामले में स्थानीय सांसद, विधायक व मंत्रियों के माध्यम से भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ सम्पर्क बनाए रखा और सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी की। उसके बाद पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार तड़के कराची से भारतीय मछुआरे रमेश सोया की मृतदेह वाघा बॉर्डर के लिए रवाना की और शाम तक मृतदेह वाघा बॉर्डर पहुंचने की सूचना भी मिल गई। वहीं, गुजरात मतस्य विभाग की टीम भी रमेश की मृतदेह लेने के लिए अमृतसर पहुंच गई है और वाघा-अटारी बॉर्डर पर आवश्यक सरकारी कार्यवाही के बाद टीम शुक्रवार सुबह मृतदेह को लेकर अमृतसर से अहमदाबाद पहुंच जाएगी और बाद में एम्बुलेंस से शव कोडिऩार पहुंचाया जाएगा।

-यह था पूरा मामला

करीब दो वर्ष पहले 5 मई 2019 को साधना नामक बोट (जीजे 25 एमएम 1734) में सवार भारतीय मछुआरे रमेशभाई टाभाभाई सोया समेत अन्य को पाकिस्तान मरीन सिक्यूरिटी एजेंसी ने सीमा पार के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया था और कराची स्थित जेल में डाल दिया था। हालांकि रमेश समेत अन्य मछुआरों की सजा कानूनी तौर पर गत 3 जुलाई 2019 को ही समाप्त हो गई थी, लेकिन रिहाई के अभाव में उन्हें कराची जेल में ही रहना पड़ा और पिछले दिनों ही 26 मार्च को भारतीय मछुआरे रमेशभाई सोसा की बीमारी की वजह से मृत्यु हो गई थी। गौरतलब है कि सजा पूरी होने के बाद भी जेल में कैद रहना और बीमारी अथवा अन्य कारणों से भारतीय मछुआरे की मृत्यु होने का यह कोई पहला-दूसरा मामला नहीं बल्कि इससे पहले भी इस तरह के कई मामले पाकिस्तान सरकार के अमानवीय रवैये की वजह से सामने आ चुके हैं।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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