प्रकृति की अनोखी छंटा, खिली हर डाली-डाली

बारिश के कारण धरा हरियाली से लहलहा उठी

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 27 Jun 2021, 07:18 PM IST

सिलवासा. गत 15 दिन से अच्छी बारिश होने से जिले की धरा हरियाली से लहलहा उठी है। चारों तरफ हरियाली का वातावरण पैदा हो गया है। खानवेल से सिंदोनी व कौंचा तक खेत, सड़क, जंगल, पहाड़ हरीतिमा से रंग चुके हैं। लुहारी, सतमालिया हिरण्य अभ्यारण्य के पेड़ कोमल पत्तियों से लद गए हैं। जंगलों मेें विचरण करने वाले जानवर किलोल करते देखे जा सकते हैं। बारिश से छोटी-छोटी झीलों में पानी भर गया है, जिसमे जलीय जंतु तैरने लगे हैं।


मानसून में जंगलों के लम्बे-लम्बे घने पेड़, ऊंची-नीची चट्टानें, झरने, गुफा, तालाब, झोपडिय़ां, नदी, नालों के बीच बसी प्रकृति की अनोखी छंटा देखने को मिल रही है। हरे-भरे घने वृक्षों के बीच पहाडिय़ां, बहते नदी-नाले मानसून आते ही शोभायमान हो गए हैं। जंगल के ऊंचे-ऊंचे वृक्षों ने हरियाली की चादर ओढ़ ली है। पर्वतीय क्षेत्र में वाटरफॉल शुरू हो गए हैं। सिंदोनी के बेडपा चौकीपाड़ा के जंगल में सिंगल वाटरफॉल, खेड़पा हाथीपाड़ा वेटॉल में त्रिपल वाटरफॉल ने पर्यटकों को आकर्षित करना शुरू कर दिया है। दमणगंगा नदी में पानी भरने से चौड़ा, बिन्द्रबीन, दपाड़ा, अथाल में पानी की चद्दर चलने लगी है। मानसून में लवाछा रामेश्वर, दुधनी जेटी, कौंचा टेंट सिटी, बिन्द्राबीन महादेव मंदिर, अथाल स्वामीनारायण धाम, खानवेल प्राकृृतिक केन्द्र सैलानियों के दिल को छू रही है। बारिश के मौसम में भ्रमण के लिए लोग घरों से निकलकर प्रकृति का आनंद लेने लगे हैं। इन दिनों चारों और पहाडिय़ों से घिरे दुधनी और कौंचा का मौसम इतना सुहावना है कि खुद को लॉग ड्राइव से रोक नहीं पाएंगे। यहां के ऊंचे-ऊंचे पेड़ खुबसूरती से रंग गए हैं।

Gyan Prakash Sharma
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