NAVRATRI PARV: नवधा भक्ति से शक्ति की आराधना

कोरोना महामारी के बीच मां अंबे को आज से मनाएंगे, परम्परागत लोकनृत्य गरबा का रहेगा अभाव

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 16 Oct 2020, 07:23 PM IST

सूरत. पुरुषोत्तम अर्थात अधिक मास के शुक्रवार को पूर्ण होते ही मां भगवती की विशेष आराधना का दौर आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शनिवार से शुरू होगा। शारदीय नवरात्र पर्व के मौके पर अश्व पर सवार होकर आ रही मातारानी की आवभगत की तैयारियां श्रद्धालुओं ने बगैर परम्परागत लोकनृत्य गरबा के भी पूरी कर ली है। शुक्रवार को शहर में जगह-जगह नवरात्र पर्व के लिए श्रद्धालु आवश्यक पूजा-सामग्री खरीदते बाजार में दिखाई दिए।
कोरोना महामारी की वजह से इस बार 25 अक्टूबर तक आयोजित नवरात्र पर्व के दौरान गरबा आयोजन, शतचंडी महायज्ञ, रामलीला महोत्सव, अखण्ड रामायण पाठ समेत अन्य कई धार्मिक कार्यक्रमों की धूमधाम देखने को नहीं मिलेगी। राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के बीच गुजरात का लोकपर्व नवरात्र मनाने की गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इन सबके बीच शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुआत आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शनिवार से होगी। नवरात्र पर्व के दौरान इस बार बगैर तिथि क्षय के नौ दिवस तक मातारानी के विभिन्न नौ स्वरूपों की आराधना की जाएगी और दसवें दिन 26 अक्टूबर को विजयादशमी का उत्सव मनाया जाएगा।


घट स्थापना के श्रेष्ठ मुहूर्त


आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शनिवार को घट स्थापना के मौके पर 58 साल बाद शनि के स्वराशि मकर और गुरु के स्वराशि धनु में रहने का संयोग बन रहा है। शनिवार को तुला लग्न में घट स्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 35 मिनट से 8 बजकर 50 मिनट तक, चर-लाभ व अमृत के चौघडि़ए में दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से शाम 4 बजकर 30 मिनट तक तथा श्रेष्ठ अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट का है।


अधिक मास की पूर्णाहुति


प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल में आने वाला पुरुषोत्तम मास अर्थात अधिक मास शुक्रवार को आश्विन (शुद्ध) अमावस्या के साथ पूर्ण हो गया। इस दौरान शहर में कई स्थलों पर श्रद्धालु भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण की पूजा-आराधना में व्यस्त दिखाई दिए। इस दौरान शहर में तापी नदी के नानपुरा, जहांगीरपुरा, वराछा समेत अन्य क्षेत्र में तट पर स्थित मंदिरों के बाहर श्रद्धालु सपरिवार अधिकमास में भगवान पुरुषोत्तम की पूजा-अर्चना भी करते देखे गए।


प्रोजेक्टर से होंगे दर्शन


पार्ले पोइंट में अंबिकानिकेतन स्थित अम्बाजी मंदिर प्रांगण नवरात्र के दौरान दर्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था मंदिर प्रबंधन कमेटी ने की है। वहीं, नवरात्र पर्व की शुरुआत से पूर्व अंबिकानिकेतन क्षेत्र में शुक्रवार को श्रद्धालु बड़ी संख्या में जमा हुए और इस दौरान उन्होंने मातारानी की घर-घर में आवभगत करने के लिए गरबा समेत अन्य पूजा-सामग्री की खरीदारी की है।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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