न हेलमेट और न ही लाइसेंस, रोज उड़ा रहे हैं ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

- स्कूलों और अभिभावकों को सुरक्षा की चिंता नहीं, ट्रैफिक पुलिस भी उदासीन

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 27 Nov 2019, 11:57 AM IST

सूरत.

नए ट्रैफिक नियम लागू हुए 26 दिन बीत गए हैं, लेकिन स्कूलों के विद्यार्थियों पर इनका कोई असर नहीं पड़ा है। वह सड़कों पर बगैर हेलमेट तेज रफ्तार से वाहन चलाते नजर आ रहे हैं। न तो ट्रैफिक पुलिस इन पर अंकुश लगा पा रही है, न ही स्कूल और अभिभावक इनका सुरक्षा को लेकर गंभीर नजर आते हैं।

विद्यार्थी खुलेआम नए मोटर वहीकल एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए बार-बार स्कूलों में यातायात जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन फिलहाल विद्यार्थियों में जागरुकता नजर नहीं आती। घर से वाहन लेकर निकलने वाले बच्चों की सुरक्षा का पहला जिम्मा अभिभावकों का है। वह भी लापरवाही बरत रहे हैं। हैरानी की बात है कि इनमें से हजारों विद्यार्थी 18 साल से कम उम्र के हैं। यानी वह बगैर लाइसेंस सड़कों पर फर्राटे से वाहन दौड़ा रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने आंखें मूंद रखी हैं

ट्रैफिक पुलिस की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाते हैं कि स्कूलों को वाहन लेकर आने वाले विद्यार्थियों की रिपोर्ट रखनी चाहिए कि किसके पास कौन-सा वाहन है, हेलमेट और लाइसेंस है या नहीं। स्कूल इन निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। दुपहिया वाहनों से स्कूल आने-जाने वाले ज्यादातर विद्यार्थी तेज गति से वाहन चलाते हैं। उनके रोंग साइड चलने और तीन सवारियां होने पर भी ट्रैफिक पुलिस ने आंखें मूंद रखी हैं।

नाबालिग बाइक पर आते-जाते हैं

कई स्कूल में बाइक लेकर आने की मनाही के बावजूद नाबालिग धड़ल्ले से बाइक पर बगैर लाइसेंस और हेलमेट स्कूल आते-जाते हैं। शहर में आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। नए नियम लागू होने के बाद ट्रैफिक विभाग ने अब तक स्कूली बच्चों की बाइक कैपेसिटी और उम्र को लेकर जांच अभियान नहीं चलाया। ज्यादातर नाबालिगों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया जाता है। ट्रैफिक पुलिस का यह रवैया भी नाबालिगों को नियम तोडऩे के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

कड़े हुए प्रावधान
नए ट्रैफिक नियमों में नाबालिगों को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर वाहन नहीं चला सकते। उनके लिए 50 सीसी तक के वाहन चलाने की छूट है। पहले नाबालिग द्वारा नियम तोडऩे पर कोई कार्रवाई तय नहीं थी, लेकिन संशोधित कानून के अनुच्छेद 199 के तहत नाबालिग द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन करने पर उसके अभिभावक को भारी जुर्माना भरना होगा और तीन महीने की जेल भी हो सकती है। अपराध के मुताबिक नाबालिग पर जेजे एक्ट में केस चलेगा और वह जो वाहन चला रहा है, उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।

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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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