फैशन डिजाइनर जाह्नवी के दिल से लालजी को मिली नई जिंदगी

ब्रेन डेड घोषित फैशन डिजाइनर जाह्नवी पटेल के परिजनों ने उसके हृदय, किडनी और लीवर का दान कर छह लोगों को नई जिंदगी दी। हृदय 107 मिनट में सूरत से मुंबई ले जाया गया, जिसे सूरत निवासी लालजी गेडिय़ा नाम के युवक में ट्रांसप्लांट किया गया।

By: मुकेश शर्मा

Published: 18 Dec 2018, 10:47 PM IST

सूरत।ब्रेन डेड घोषित फैशन डिजाइनर जाह्नवी पटेल के परिजनों ने उसके हृदय, किडनी और लीवर का दान कर छह लोगों को नई जिंदगी दी। हृदय 107 मिनट में सूरत से मुंबई ले जाया गया, जिसे सूरत निवासी लालजी गेडिय़ा नाम के युवक में ट्रांसप्लांट किया गया।

डोनेट लाइफ के प्रमुख नीलेश मांडलेवाला ने बताया कि वेसू में स्वास्तिक विहार अपार्टमेंट निवासी तेजस दिलीपकुमार पटेल की पुत्री जाह्नवी (21) फैशन डिजाइनर थी। 17 नवम्बर को कार की डिक्की से गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट पहुंची। निजी अस्पताल में पता चला कि उसके सिर में मल्टीपल फ्रैक्चर हुए हैं। 19 नवम्बर को न्यूरो सर्जन डॉ.अशोक पटेल और न्यूरो फिजिशियन डॉ.अनिरुद्ध आप्टे ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। मांडलेवाला ने उसके परिजनों को अंगदान के बार में बताया।

परिजन उसका हार्ट, किडनी, लीवर और चक्षु दान करने के लिए तैयार हो गए। चिकित्सकों की टीम 107 मिनट में जहान्वी का हृदय मुंबई ले गई। वहां इसे सूरत के लालजी खोड़ा गेडिया (26) में ट्रांसप्लांट किया गया। एक किडनी अहमदाबाद निवासी नरेश राजपरा (47) और दूसरी झारखंड निवासी राकेशकुमार चंद्रमदन झा (42), जबकि लीवर अहमदाबाद निवासी जिज्ञा विजय पटेल (47) में ट्रांसप्लांट किया गया। गौरतलब है कि सूरत से हृदय का यह 21वां दान है। अब तक सूरत से 281 किडनी, 115 लीवर, 6 पेंक्रियाज और 230 चक्षुओं का दान किया जा चुका है।

विश्वविद्यालय ने रिफंड की फीस

पीजी सेमेस्टर-1 में प्रवेश रद्द करवाने वालों की सूची जारी

वीर नर्मद दक्षिण विश्वविद्यालय ने पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश रद्द करवाने वाले विद्यार्थियों की फीस रिफंड कर दी है। विश्वविद्यालय ने ऐसे विद्यार्थियों की सूची जारी की है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कुछ दिन पहले विद्यार्थियों की फीस रिफंड करने का आदेश दिया था और ऐसा नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

विद्यार्थियों को फीस भरने पर प्रवेश दिया जाता था। बाद में प्रवेश रद्द करवाने और स्थलांतरण करने पर फीस को लेकर विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई महाविद्यालय फीस रिफंड नहीं करते। कई विद्यार्थियों ने इस मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से शिकायत की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने आदेश जारी किया था।

विश्वविद्यालय ने संबद्ध विभागों के विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेकर उसे रद्द करवाने वाले और अन्य पाठ्यक्रमों में स्थलांतरण करने वाले विद्यार्थियों की फीस रिफंड की गई है। कई पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को पूरी फीस लौटाई गई है तो कई पाठ्यक्रमों में कटौती कर रिफंड की गई है। सिंडीकेट में पास नियम के अनुसार फीस रिफंड करने की सूचना भी जारी की गई है।

 

मुकेश शर्मा Reporting
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