ग्राहकों का ही नहीं यहां तारों का भी है जमघट

कपड़ा बाजार के कई टैक्सटाइल मार्केट में सिर उठाते ही दिखेंगे तारों के गुच्छे ही गुच्छे

 

सूरत. छह माह पहले सूरत महानगर के वराछा में तक्षशिला अग्निकांड और हाल ही में दिल्ली की अनाज मंडी में अग्नि हादसे के बाद भी देश-दुनिया की जानी-मानी सूरत कपड़ा मंडी में ऐसे लगता है मानों कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। कपड़ा बाजार में सुबह से रात तक हजारों लोगों की आवा-जाही रहती है और इन सबके बीच कई टैक्सटाइल मार्केट परिसर में जगह-जगह मौत का भय दिखाते बिजली के खुले-अधखुले तारों के गुच्छे उलझे दिखाई पड़ते है। ऐसा नहीं है कि इस संबंध में प्रशासन या मार्केट प्रबंधन की ओर से एहतियात के तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, पर सच्चाई यह है कि प्रशासन अथवा मार्केट प्रबंधन की एहतियाती कार्रवाई में गंभीरता नहीं बरती गई। तभी तो तक्षशिला अग्निकांड के छह माह बीतने के बाद भी कपड़ा बाजार के कई टैक्सटाइल मार्केट परिसर में सिर उठाते ही खुले-अधखुले तारों के गुच्छे डरावनी शक्ल में दिखाई दे जाएंगे। खुले-अधखुले तारों के गुच्छों का डर यूं तो कपड़ा बाजार में श्रीसालासर हनुमान मार्ग व मोटी बेगमवाड़ी के अलावा अन्य सभी उन क्षेत्रों में दिख जाएगा जहां-जहां पर टैक्सटाइल मार्केट विद्यमान है लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा खराब हालत मोटी बेगमवाड़ी, फालसावाड़ी, खेबर होटल की गली आदि में स्थित टैक्सटाइल मार्केट में है। उससे भी बड़ी और गंभीर बात यह कि यहां पर सभी टैक्सटाइल मार्केट में रिटेलर्स की संख्या अधिक होने से ग्राहकों की भीड़ भी दिनभर क्षेत्र में बनी रहती है। इसमें भी महिलाओं की संख्या सर्वाधिक होती है जो कि घर-परिवार और रिश्तेदारी में जरूरत मुताबिक साड़ी, ड्रेस समेत अन्य कपड़े की खरीदारी के लिए यहां पहुंचती है।

Dinesh Bhardwaj
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