अब तक नहीं सुधरीं बंद पड़ीं एलईडी

शहर में पिछले कई दिनों से खराब पड़ी एलईडी स्ट्रीट लाइट अभी तक दुरुस्त नहीं हुई हैं। आयुक्त एम. थेन्नारसन ने ३० अगस्त को समीक्षा बैठक में इन्हें दुरुस

By: मुकेश शर्मा

Published: 11 Sep 2017, 09:31 PM IST

सूरत।शहर में पिछले कई दिनों से खराब पड़ी एलईडी स्ट्रीट लाइट अभी तक दुरुस्त नहीं हुई हैं। आयुक्त एम. थेन्नारसन ने ३० अगस्त को समीक्षा बैठक में इन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। लाइट्स को दो दिन के भीतर ठीक कर जोनवार रिपोर्ट देनी थी।

शहर के सभी जोन में बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। मनपा प्रशासन हालांकि ऐसी लाइटों की संख्या पांच सौ से कम बता रहा है, लेकिन हकीकत में यह आंकड़ा एक हजार पार कर चुका है। लाइट बंद होने को मनपा प्रशासन ने शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया तो लोगों ने सीधे आयुक्त को शिकायत कर इसकी जानकारी दी। आयुक्त ने अपने स्तर पर जांच कराई तो शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद संबंधित विभाग को जोनवार आंकड़े जुटाकर रिपोर्ट मांगी गई थी।


मनपा टीम ने आयुक्त को शहरभर में ३७० लाइटें बंद होने की जानकारी दी थी। इस आंकड़े पर उस वक्त भी सवाल उठे थे और जानकारों ने दावा किया था कि कोई तटस्थ एजेंसी स्थलीय जांच करे तो आंकड़ा हजार पार कर जाएगा। उन्होंने दावा किया था कि शिकायतों के कारण बोर्ड पर आई संख्या को ही आयुक्त के सामने रख दिया गया है। रिन्यूएबल एनर्जी विभाग के इस आंकड़े को भी ज्यादा मानते हुए आयुक्त ने दो दिन के भीतर बंद पड़ी सभी एलईडी लाइटों को दुरुस्त करने की हिदायत दी थी।

उन्होंने इसकी जोनवार प्रगति रिपोर्ट भी मांगी थी। अधिकांश लाइटें अभी तक बंद पड़ी हैं। सरदार ब्रिज और आनंद महल रोड समेत कई अन्य रास्तों पर भी एलईडी लाइटें बंद पड़ी हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो आधिकारिक रूप से खराब रिपोर्ट हुई लाइटों में अभी आधी भी सही नहीं हो पाई हैं। इसकी वजह अधिकारी काम के दबाव को जिम्मेदार बता रहे हैं। हालांकि इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारी ऑन रेकर्ड कुछ कहने को तैयार नहीं हैं।


पांच-सात के बीच एक-दो बंद

मनपा प्रशासन का पूरा कामकाज एक सिस्टम को फॉलो कर रहा है। कई इलाकों में जिस तरह से एलईडी लाइटें बंद पड़ी हैं, लगता है इसमें भी एक सिस्टम काम कर रहा है। यह इत्तफाक है या कोई और वजह कि पुलों और रास्तों पर सिलसिलेवार लाइटें बंद नहीं हैं। पांच-सात लाइटों के बीच एक-दो लाइट बंद पड़ी हैं। इससे सडक़ पर रोशनी की मात्रा हल्की है।

मुकेश शर्मा Reporting
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