अब दवा की दुकानों पर भी मिलेगी आर्सेनिक अल्बम

स्टोर्स पर इम्युनिटी की दवाओं की उपलब्धता की कवायद शुरू, मेडिकल एसोसिएशनों से बातचीत के बाद तय होगा फार्मूला, आयुक्त आज करेंगे प्रतिनिधियों के साथ बैठक में चर्चा

By: विनीत शर्मा

Updated: 10 May 2020, 09:10 PM IST

सूरत. कोरोना से जंग में शरीर की इम्युनिटी सबसे बड़ा हथियार साबित हो रही है। इसे देखते हुए आगामी दिनों में शहर के मेडिकल स्टोरों पर इम्युनिटी बढ़ाने वाली होम्योपेथ और आयुर्वेद की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि सोमवार को मेडिकल एसोसिएशनों के साथ चर्चा करेंगे।

आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना से लडऩे में शरीर की इम्युनिटी लोगों को अतिरिक्त कवर दे रही है। इसे बढ़ाने के लिए आयुष ने होम्योपेथी और आयुर्वेदिक दवाओं को इम्युनिटी बढ़ाने में कारगार बताया है। इसके बाद से विभिन्न संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं व मेडिकल एसोसिएशन शहर में होम्योपैथी दवा आर्सेनिक अल्बम 30 और आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण कर रही हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी लोगों के सामने आए हैं। कई लोगों ने आयुष के इन प्रयोगों को खासा असरकारक माना है। शहरभर में दवाओं के निशुल्क वितरण के बावजूद एक बड़ी आबादी तक होम्योपेथी दवा आर्सेनिक अल्मब 30 और आयुर्वेदिक काढ़ा नहीं पहुंच सका है।

मनपा प्रशासन आगामी दिनों में इन दवाओं की मेडिकल स्टोरों पर उपलब्धता को सुनिश्चित कराने की कवायद में जुटा है। इसके लिए मनपा आयुक्त सोमवार को मेडिकल स्टोर संचालकों और दूसरी मेडिकल एसोसिएशनों के साथ बातचीत कर इसके उपायों पर चर्चा करेंगे। इसी दौरान इन दवाओं के मेडिकल स्टोरों पर मिलने का फार्मूला तय किया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि जिन लोगों तक दवाएं नहीं पहुंची हैं, वे इसकी वाजिब कीमत देकर भी हासिल करना चाहते हैं। ऐसे में इनका मेडिकल स्टोरों पर उपलब्ध होना जरूरी है। मेडिकल एसोसिएशनों के साथ बात कर इसके उपाय खोजे जाएंगे।

सेंट्रल और वराछा जोन में भी शुरू किया एपीएक्स

मनपा प्रशासन ने लिंबायत जोन में प्रयोग के तौर पर शुरू किए एपीएक्स फार्मूले को अब सेंट्रल और वराछा जोन में भी लागू कर दिया है। रविवार से इन दोनों जोन में एपीएक्स सिस्टम से सर्वे किया गया। इसके तहत जिन घरों में सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज मिल रहे हैं, उनके आगे ए, जिन घरों में कैंसर, किडनी, मधुमेह, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज मिल रहे हैं, उनके आगे पी व जिन घरों में सभी लोग स्वस्थ हैं, उनके बाहर एक्स का निशान लगाया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग को एआरआइ मामलों के साथ ही ऐसे लोगों पर नजर रखने में भी आसानी हो रही है, जो गंभीर बीमारियों के चलते कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

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विनीत शर्मा Reporting
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