अब सूरत में होगी हीरों की नीलामी

माइनिंग कंपनियों के सूरत आने का रास्ता साफ, मॉक ट्रायल में सूरत आया पहला शिपमेंट, यही ट्रायल शिपमेंट एक सप्ताह में वापस जाएगा

By: विनीत शर्मा

Published: 30 Jan 2021, 07:24 PM IST

सूरत. शहर के हीरा उद्योग के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। सूरत इंटरनेशनल डाइट्रेड सेंटर (एसआईडीसी)- विशेष अधिसूचित क्षेत्र में पहला शिपमेंट पहुंचने से माइनिंग कंपनियों के लिए सीधे सूरत आकर नीलामी करने का रास्ता साफ हो गया। जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के गुजरात क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेशभाई नवडिया ने बताया कि यह ट्रायल शिपमेंट है, जिसे करीब एक सप्ताह तक सूरत में ही रखा जाएगा। इसका मकसद शिपमेंट के दौरान आने वाली मुश्किलों को समझना और प्रक्रिया को आसान बनाना है। सप्ताहभर बाद शिपमेंट को वापस माइनिंग कंपनी के पास भेजा जाएगा। वहां रिसीव होने के बाद शिपमेंट ट्रायल पूरा हो जाएगा।

माइनिंग कंपनियों को देश में आकर रफ बेचना संभव नहीं था। इसके लिए जो प्रक्रिया अपनाई जाती थी वह काफी जटिल थी। हीरा उद्यमी लंबे अरसे से केंद्र सरकार से मांग कर रहे थे, कि माइनिंग कंपनियों को सूरत आकर माल बेचने दिया जाए। केंद्र सरकार और आरबीआइ ने स्पेशल इकोनॉमिक जोन में माइनिंग कंपनियों के आने की अनुमति दी थी। इसके लिए सूरत में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। पहली बार ट्रायल शिपमेंट शनिवार को शहर के सूरत इंटरनेशनल डाइट्रेड सेंटर (एसआईडीसी) में लाया गया। नावडिया ने बताया कि ट्रायल के लिए शिपमेंट को 4 से 6 दिन तक रखा जाएगा और फिर दोबारा पोर्ट किया जाएगा। री-एस्पोट्र्स के सफल होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और प्रोजेक्ट को औपचारिक रूप से खोला जाएगा। जीजेइपीसी सूरत कार्यालय इसके लिए सीमा शुल्क विभाग, डीजीडीसी, जीआईडीसी के साथ समन्वय कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर एसआईडीसी, कस्टम विभाग और सूरत हीरा बूर्स के अधिकारियों, गुजरात हीरा बूर्स समेत इससे जुड़ी सभी एजेंसियां सहयोग कर रही हैं। उम्मीद जताई कि मॉक ट्रायल को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जाएगा।

इसलिए पड़ी ट्रायल की जरूरत

शिपमेंट ट्रायल को सूरत लाने का मुख्य उद्देश्य विदेश से पार्सल लाने, पालन के लिए कदम, सीमा शुल्क निकासी प्रक्रिया, स्थल वितरण प्रक्रिया, स्थल पर सुरक्षा प्रणाली और संचालन के समय आगंतुकों का पालन करने के नियमों की औपचारिक रूप से जांच करना है, ताकि मुख्य पार्सल आने पर कोई कठिनाई का सामना न करना पड़े और समय खराब न हो। इस प्रक्रिया के दौरान, सीमा शुल्क डीजीडीसी, ऑपरेटर जीआईडीसी सीमा शुल्क विभाग द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन करने के लिए पूर्वाभ्यास हो जाएगा। जानकारों के मुताबिक इसमें जरूरत पडऩे पर संशोधन किए जा सकते हैं।

एंटवर्प से आया शिपमेंट

शिपमेंट्स को माइनिंग कंपनी रियो टिंटो ने ट्रायल के लिए भेजा है। नावडिया ने कहा कि हम जल्द ही पहली नीलामी की घोषणा कर पाएंगे। खनन कंपनियां भी सूरत में नीलामी करने में रुचि दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो जानी थी, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के कारण देरी हुई है। माइनिंग कंपनियों के सीधे सूरत आने से हीरा उद्योग को गति मिलेगी।

विनीत शर्मा Reporting
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