अब सुरक्षित इलाके भी हो रहे असुरक्षित

अनलॉक वन के बाद अठवा, वराछा-बी और रांदेर जोन में भी दखल बढ़ा रहा कोरोना संक्रमण, नाकाफी साबित हो रही प्रसार को रोकने की कोशिशें

By: विनीत शर्मा

Updated: 14 Jun 2020, 05:19 PM IST

सूरत. कारोबारी गतिविधियों में ढील मिलते ही कोरोना संक्रमण ने शहर के अब तक सुरक्षित बचे रह गए इलाकों को भी अपनी जद में लेना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन 4.0 से शुरू हुआ यह सिलसिला अनलॉक 1.0 में और रफ्तार पकड़ रहा है। अनलॉक वन के बाद अठवा, वराछा-बी और रांदेर जोन में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के दखल को रोकने में मनपा प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।

मार्च महीने में कोरोना संक्रमण की शुरुआत के समय बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए रांदेर जोन को मनपा प्रशासन ने समय रहते संभाल लिया था। रांदेर के संभलते ही कोरोना संक्रमण ने लिंबायत जोन को अपना ठिकाना बनाया और मनपा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। अनलॉक 1.0 तक यह सिरदर्द बना हुआ है। लिंबायत बाद में कतारगाम ने भी लिंबायत की राह पकड़ी और धीरे-धीरे वराछा-ए, सेंट्रल जोन और उधना जोन ने सबसे पहले संक्रमितों का शतक लगाया। लॉकडाउन 4.0 में जब धीरे-धीरे कारोबारी गतिविधियों को आंशिक छूट मिलनी शुरू हुई, संक्रमण ने भी अपने पर खोलने शुरू कर दिए थे।

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अनलॉक वन में सूरत समेत देशभर में अर्थतंत्र को गति देने के लिए कारोबारी राहतों का दौर शुरू हुआ। आठ जून के तो होटल, रेस्टोरेंट्स और माल्स भी खुल गए। इसके साथ ही संक्रमितों के मिलने का सिलसिला भी गति पकड़ रहा है। शहर के अब तक नियंत्रण में समझे जा रहे वराछा-बी, अठवा और रांदेर जोन में भी नए संक्रमितों के मिलने के मामले बढ़ रहे हैं। मनपा प्रशासन के लिए यह स्थिति पेशानी पर बल डालने जैसी है। कोरोना से असुरक्षित हो रहे अब तक सुरक्षित रहे इलाके प्रशासन को अपनी रणनीति में बदलाव के लिए मजबूर कर रहे हैं।

काम पर जाना पड़ रहा भारी

कारोबारी गतिविधियों में छूट मिलते ही जिन लोगों ने काम पर जाना शुरू किया वे जाने-अनजाने कोरोना के नए कैरियर बन रहे हैं। हीरा कारखानों में बीते कुछ दिनों से लगातार संक्रमण के नए मामले मिल रहे हैं। टैक्सटाइल इंडस्ट्री में भी कोरोना के नए कैरियर पर रोक लगा पाना मनपा के लिए खासा चुनौतीभरा साबित हो रहा है।

सुपर स्प्रेडर्स की पहचान भी हो रही मुश्किल

लॉकडाउन तक मनपा प्रशासन के लिए सुपर स्प्रेडर्स की पहचान आसान थी। सब्जी, किराना और चुनीदा दूसरी जरूरी सेवाएं ही चालू थीं, इसलिए कोरोना कैरियर की शिनाख्त हो पा रही थी। अनलॉक 1.0 के बाद चुनीदा सेवाएं ही बंद हैं, बाकी सबकुछ अनलॉक हो गया है। ऐसे में सुपर स्प्रेडर्स को पहचान पाना और उन पर नियंत्रण रख पाना मनपा प्रशासन के लिए अब उतना सहज नहीं रह गया है।

विनीत शर्मा Reporting
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