DNH and Daman-Diu merger: राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही दो संघ प्रदेश हो जाएंगे एक

दादरा नगर हवेली और दमण-दीव विलय बिल राज्यसभा से पारित
केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री जी.किशन रेड्डी ने बिल पेश किया


Dadra Nagar Haveli and Daman-Diu merger bill passed from Rajya Sabha

Union Home Minister G. Kishan Reddy introduced the bill

By: Sunil Mishra

Published: 03 Dec 2019, 08:10 PM IST

दमण. दादरा नगर हवेली, दमण-दीव विलीनीकरण बिल 2019 लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी सर्वसम्मति से पारित हो गया है। शाम पांच बजे राज्यसभा में केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री जी.किशन रेड्डी ने यह बिल रखा।
बिल पर चर्चा करते हुए कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने इस प्रदेश में भ्रष्टाचार, रेवेन्यू और शराब के व्यवसाय का मुद्दा उठाया। साथ ही न्यायिक क्षेत्र मुंबई हाईकोर्ट की जगह गुजरात हाइकोर्ट रखने की मांग की। बिहार के आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि यहां की भाषा एवं संस्कृति में फर्क है। दादरा नगर हवेली और दमण-दीव का नाम याद करने में दिक्कत होती थी, अब एक साथ नाम करने से और भी दिक्कत होगी। उन्होंने कहा कि डीडीडी जैसा छोटा नाम दिया जाना चाहिए। केरल की सीपीआई पार्टी से सांसद विनोय विश्वम ने कहा कि प्रदेश में स्थानीय आवाज के लिए मिनी एसेंबली की जरूरत है। छोटे स्थान को भी अधिक सुविधा मिलनी चाहिए। सांसद सुशील कुमार गुप्ता ने कहा कि इस प्रदेश को गोवा के साथ मिला दिया जाना चाहिए या महाराष्ट्र के साथ मिलकर विधानसभा से जोडऩा चाहिए। इस प्रदेश में जनता को विधानसभा चुनने का अधिकार नहीं है। केन्द्र शासित प्रदेशों में आधा पावर एलजी के पास रहता है। उन्होंने कहा कि इसको पूर्ण करने के लिए महाराष्ट्र या गोवा के साथ जोड़ देना चाहिए। गुजरात की राज्यसभा सांसद अमी याज्ञिक ने कहा कि सामाजिक स्तर पर भी इस प्रदेश को देखना चाहिए। यहां स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्य को लेकर अधिक कार्य की आवश्यकता है।

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संविधान सुधार की जरूरत नहीं
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 3 ए और 4 (2) के साथ पढ़ा जाना चाहिए। नया केन्द्र शासित प्रदेश के लिए 4(2) के तहत प्रयोजन है और 368 के तहत प्रयोजन में संविधान सुधार की जरूरत नहीं है। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी ने राज्यसभा में कहा कि प्रदेश के नाम से लोगों की भावना जुड़ी है और नाम कम करने से भावना को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यों के लिए हाईकोर्ट मुंबई पहले से है। अहमदाबाद 400 किलोमीटर है और मुंबई 250 किलोमीटर है। इसके साथ आरक्षण, सरकारी नौकरी में ग्रुप बी, सी, डी वैसा ही रहेगा। यहां पर सचिवालय और विभाग दो-दो हैं परन्तु अधिकारी एक ही है। इसके साथ पेपर वर्क में भी कमी आएगी। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनवरी में मेडिकल कॉलेज, नर्सिग कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज भी शुरू कराया है। दमण-दीव एवं दानह विलीनीकरण बिल 2019सर्वसम्मति से राज्यसभा में पास हुआ है।

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