सूरत में म्यूकॉरमाइकोसिस से एक मौत, नए 12 मरीज भर्ती

-153 मरीज भर्ती हैं न्यू सिविल और स्मीमेर अस्पताल में

- 73 मरीजों का हुआ सफल ऑपरेशन

- 13 की अब तक हो चुकी है सूरत में मौत

- 400 मरीजों का अनुमान सूरत जिले में

- 2000 से ज्यादा मरीज है गुजरात में

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 23 May 2021, 09:43 PM IST

संजीव सिंह @ सूरत.

शहर में म्यूकॉरमाइकोसिस मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। न्यू सिविल अस्पताल में मांडवी तहसील निवासी एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हो गई है। वहीं, शनिवार को कुल 9 सर्जरी की गई है। इसमें न्यू सिविल में एक म्यूकॉरमाइकोसिस मरीज की आंख निकाली गई है। स्मीमेर अस्पताल में अब तक तीन मरीजों के आंख निकालने का ऑपरेशन किया गया है। दोनों अस्पताल में नए 12 मरीज भर्ती हुए हैं। अब मरीजों की संख्या 153 तक पहुंच गई है। मनपा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शनिवार को भी म्यूकॉरमाइकोसिस मरीजों संबंधी डाटा जारी नहीं किया गया हैं। कोरोना की दूसरी लहर में एक मई से मरीजों की संख्या तो घटती हुई दिखाई दे रही है, लेकिन म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों की संख्या कुछ दिन में ही अचानक तेजी से बढ़ गई।

निजी अस्पतालों की नहीं है सुध

राज्य सरकार ने म्यूकॉरमाइकोसिस बीमारी को एपेडेमिक डिजीज के तहत नोटिफाइड किया है, लेकिन मनपा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा शहर के निजी अस्पतालों में भर्ती म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों की सुध नहीं ली जा रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन मरीजों का डाटा भी सार्वजनिक करने से कतरा रहा है। दूसरी तरफ, प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शहर के निजी अस्पतालों को छोडक़र न्यू सिविल और स्मीमेर अस्पताल में ही म्यूकॉरमाइकोसिस के 150 से अधिक मरीज उपचाराधीन हैं। सूत्रों ने बताया कि न्यू सिविल अस्पताल में सूरत जिले की मांडवी तहसील के 50 वर्षीय व्यक्ति को म्यूकॉरमाइकोसिस के इलाज के लिए भर्ती करवाया गया था। वह शुरू से ऑक्सीजन सपोर्ट पर और गंभीर स्थिति में था। उसकी एमआरआई और सीटी स्कैन जांच तक नहीं हो पाई थी। इसी दौरान मरीज की शनिवार तडक़े मौत हो गई।

एक मरीज को किया अहमदाबाद रेफर

न्यू सिविल अस्पताल में अब तक 8 और स्मीमेर में 5 समेत कुल 13 म्यूकॉरमाइकोसिस मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों का आंकड़ा तो स्वास्थ्य विभाग दे ही नहीं रही है। चिकित्सकों की माने तो सूरत शहर व जिले में म्यूकॉरमाइकोसिस के 400 से अधिक मरीज होने का अनुमान है। इसमें सूरत शहर के 250 तथा अन्य मरीज ग्रामीण तथा दूसरे शहर के बताए जा रहे हैं। म्यूकॉरमाइकोसिस मरीजों के लिए जरूरी दवाई और इलाज की पर्याप्त सुविधा का अभाव देखने को मिल रहा है। न्यू सिविल से म्यूकॉरमाइकोसिस के एक मरीज को अहमदाबाद रेफर किया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि उसके जबड़े के ऊपरी हिस्से की हड्डी में ब्लैक फंगस होने के कारण उसे एडवांस म्यूकॉरमाइकोसिस केस मानते हुए अहमदाबाद भेजा है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसके ऑपरेशन का प्लान करेगी। न्यू सिविल में 111 और स्मीमेर में 42 समेत कुल 153 म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीज भर्ती हैं।

26 को थी जरुरत, 19 को मिला एम्फोटेरेसिन- बी

म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों के लिए एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की कमी है। शहर के किसी भी मेडिकल स्टोर में इंजेक्शन मिलना भगवान मिलने के बराबर है। राज्य सरकार के निर्देश पर स्मीमेर अस्पताल में निजी अस्पतालों में भर्ती म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों के लिए इंजेक्शन देने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके लिए मरीज का आधार कार्ड, रिपोर्ट और डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य किया गया है। सूत्रों ने बताया कि स्मीमेर अस्पताल में शनिवार को 115 इंजेक्शन का स्टॉक निजी अस्पताल के लिए मिला। इसमें 11 अस्पताल में भर्ती 26 मरीजों के लिए इंजेक्शन की मांग की गई थी। लेकिन उनमें से चिकित्सकों ने कैटेगरी तय करके 19 मरीजों के लिए ही एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन दिया है। वहीं स्मीमेर अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए इंजेक्शन का कोई स्टॉक नहीं आया।

एक की आंख निकाली, 9 ऑपरेशन हुए

म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों की आंख की रोशनी घटने लगती है। न्यू सिविल अस्पताल में 55 वर्षीय व्यक्ति को चार-पांच दिन पहले भर्ती करवाया गया था। ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने उसके सायनस का ऑपरेशन किया, लेकिन बाद में आंख में फंगस की आशंका जताई। इसके बाद नेत्र विभाग की डॉ. प्रीति कापडिय़ा, डॉ. कुंजन पटेल ने उसका इलाज शुरू किया। शनिवार को मरीज के आंख के गोले को निकालने का ऑपरेशन किया गया है। डॉ. प्रीति ने बताया कि मरीज को काफी दिनों से दिखना बंद हो गया था। न्यू सिविल में मरीज की आंख निकालने का पहला ऑपरेशन है। न्यू सिविल में 8 मरीजों का शनिवार को ऑपरेशन किया गया। वहीं, स्मीमेर में एक ऑपरेशन हुआ है। स्मीमेर में अब तक 3 मरीजों की आंख निकाली गई है। इसके अलावा 6 जबड़ा, 10 सायनस के ऑपरेशन भी किए गए हैं।

कोरोना से रिकवर हुए मरीज मास्क जरूर पहनें

म्यूकॉरमाइकोसिस के लिए डायबिटिज, स्टीरॉइड का अधिक उपयोग म्यूकॉरमाइकोसिस का मुख्य कारण है। कोरोना से स्वस्थ हो रहे मरीज घर जाने के बाद भी मास्क का नियमित पहनना बंद न करें। उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। ब्लैक फंगस मिट्टी, पौधों, गंदगी, के आसपास होता है। मजबुत इम्यूनिटी वाले को उससे कुछ नहीं होता। लेकिन कोरोना से स्वस्थ मरीजों की इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए उन्हें मास्क जरुर पहनना चाहिए। वहीं कपड़े का मास्क रोजाना धोकर ही इस्तेमाल करें। उसमें भी फंगस होने की आशंका रहती हैं।

- डॉ. आनंद कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, ईएनटी, न्यू सिविल अस्पताल, सूरत।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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