31 हजार से ज्यादा प्रवेश की दौड़ में

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कॉमर्स संकाय में प्रवेश के लिए 31 हजार से अधिक विद्यार्थी दौड़ में शामिल हैं। दक्षिण गुजरात में...

By: मुकेश शर्मा

Published: 20 Jul 2018, 10:28 PM IST

सूरत।वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कॉमर्स संकाय में प्रवेश के लिए 31 हजार से अधिक विद्यार्थी दौड़ में शामिल हैं। दक्षिण गुजरात में बीकॉम, बीबीए और बीसीए की 30 हजार से अधिक सीटें हैं। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय प्रवेश के लिए मेरिट जारी करेगा।

गुजरात और सीबीएसइ बोर्ड की 12वीं का परिणाम जारी होने के बाद विश्वविद्यालय ने बीकॉम, बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया तेज कर दी थी। इस बार प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब विकेंद्रित प्रणाली से प्रवेश दिया जा रहा है। दक्षिण गुजरात के सभी महाविद्यालयों को प्रवेश सूची में शामिल किया गया है।

सभी के लिए पहले कॉमन मेरिट तैयार की जाएगी। पहले प्रवेश के लिए 42 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। इनमें से अंतिम दिन तक 31 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए सत्यापन करवाकर फीस भरी है। प्रवेश समिति आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रवेश की कॉमन मेरिट जारी करेगी। इसके बाद विभिन्न महाविद्यालयों की मेरिट जारी की जाएगी।

निवेश का झांसा देकर १२० करोड़ की संपत्ति हथियाई

एक बिल्डर को पचास करोड़ रुपए के निवेश का झांसा देकर राजकोट के छह जनों ने उसके प्रोजेक्ट के २४ फ्लैट अपने नाम करवा लिए और फरार हो गए। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक राजकोट निवासी विमल पटेल, नितेश वघासिया, नीलेश लोखिल, पुष्पराज लोखिल, विपुल खीमाणीया और दीपक राजगुरु ने मिलकर अठवा लाइंस आदर्श सोसायटी निवासी बिल्डर पीयुष लवजी पटेल के साथ धोखाधड़ी की।

पीयुष को रुंढ गांव के अपने नए प्रोजेक्ट कोकोनट ऑक्सीजन होम के लिए फाइनेंस की जरूरत थी। इस बारे में उसने अपने मित्रों, परिचितों और दलालों से बात की। इस बीच, आरोपियों ने उससे संपर्क किया और उसके प्रोजेक्ट में ५० करोड़ रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने निवेश की सिक्युरिटी के लिए उसके प्रोजेक्ट के २४ फ्लैट, जिनकी कीमत १२० करोड़ रुपए बताई गई है, के रजिस्टर्ड बिक्री करार तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने करार मिलने के एक घंटे के भीतर ५० करोड़ रुपए देने का वादा किया। उन्होंने बिक्री करार तो ले लिए, लेकिन पीयुष को रुपए नहीं दिए। करार के दस्तावेज लेकर वह फरार
हो गए।

मुकेश शर्मा Reporting
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