पापा डबल सेंचुरी तो मम्मी हंड्रेड के पास

रक्तदान के क्षेत्र में सूरत का शिरोया परिवार का कोई सानी नहीं

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 14 Jun 2020, 08:46 PM IST

सूरत. क्रिकेट की लाइव कमेंट्री में कई बार आपने सुना होगा कि यह प्लेयर बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए डबल सेंचुरी के निकट पहुंच गया है और उसका साथी खिलाड़ी भी शतक के करीब खड़ा है। ऐसा ही एक सूरत का एक परिवार है जिसके सभी पांच सदस्य सामाजिक सरोकार की दिशा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह शिरोया परिवार है जो कि रक्तदान के क्षेत्र में अभी तक नॉटआउट 353 दफा ब्लड डोनेट कर चुका है। इस परिवार में पति-पत्नी व तीन बच्चे शामिल है।
लॉकडाउन के दौरान सूरत समेत गुजरात व देशभर के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी महसूस की गई और इस अवधि में कई सेवाभावी संस्थाओं के अलावा स्वयं ब्लड बैंकों ने भी लोगों से सामाजिक दूरी के साथ रक्तदान की अपील की और मोबाइल वैन में शिविर लगवाए। ऐसे माहौल में और विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर सूरत के शिरोया परिवार का याद आना लाजिमी सा है। इस परिवार के मुखिया 56 वर्षीय डॉ. प्रफुल्ल शिरोया और उनकी 54 वर्षीया पत्नी अस्मिता शिरोया ऐसे हैं जो गत साढ़े तीन दशक से लगातार ब्लड डोनेट कर रहे हैं। सूरत ही नहीं बल्कि पूरे गुजरातभर में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय डॉ. शिरोया ने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के साथ ही ब्लड डोनेट शुरू किया था जो लगातार जारी है और वे अभी तक 171 दफा रक्तदान कर चुके हैं। बात इनकी पत्नी अस्मिता शिरोया की हो तो उनके साथ सूरत महानगरपालिका की पूर्व महापौर की गरिमा भी जुड़ जाती है और वे अभी तक 86 दफा रक्तदान कर समाज में महिलाओं को प्रेरणामूर्ति बन चुकी है। इसके बाद बड़ी बेटी डॉ. कोमल देसाई 30 वर्ष की है और अभी तक 42 दफा रक्तदान कर चुकी है और ऐसे ही क्रम से 27 वर्षीया डॉ. पिंकल 30 दफा और 23 वर्षीय हरिकृष्णा 24 बार रक्तदान कर चुके हैं।


कोई प्रसंग नहीं चूकते


डॉ. शिरोया की मानें तो उन्होंने 1982 में रक्तदान की शुरुआत मेडिकल कॉलेज स्टुडेंट बनने के साथ की थी और तब से यह क्रम लगातार जारी है। यह सेवाभाव बाद में पत्नी अस्मिता व उनके बाद बच्चों ने भी 18 वर्ष की उम्र होते ही अपनाया। परिवार में किसी भी तरह के सामाजिक प्रसंग और अन्य तरह के त्योहार के मौके पर परिवार के सदस्य रक्तदान करना नहीं भूलते।


अन्य सेवा प्रवृत्ति में भी सक्रिय


डॉ. प्रफुल्ल शिरोया दक्षिण गुजरात की एकमात्र लोकदृष्टि चक्षुबैंक के प्रमुख भी है, जो कि अंध्यत्व निवारण की दिशा में वर्षों से सक्रिय संस्था है और कई लोगों के अंधकारमय जीवन में डोनेट नेत्रों की रोशनी से उजियारा कर चुके हैं। इसके अलावा रेडक्रॉस सोसायटी, होमगाड्र्स के जिला कमांडेट के मानद पद पर भी कार्यरत है और कोरोना महामारी की आपात परिस्थिति में पूरी टीम के साथ सक्रिय रहे।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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