नए साल में कोविड-19 हॉस्पिटल में मरीज घटे, दो से दस मरीज ही हो रहे भर्ती

- न्यू सिविल और स्मीमेर अस्पताल में चिकित्सकों और पेरामेडिकल स्टाफ को राहत

- मनपा स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की मुस्तैदी के सामने कोरोना पस्त

- धन्वंतरी रथ और डोर टू डोर सर्वे जारी

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 09 Jan 2021, 10:09 PM IST

सूरत.

शहर में नए साल में कोरोना वायरस का असर कम होता दिख रहा है। न्यू सिविल के कोविड-19 हॉस्पिटल के ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या घटकर सिर्फ 50-60 रह गई है। वहीं, भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों की संख्या भी 2 से 10 के बीच रह गई है। चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना की सेकंड वेव में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते मरीजों की संख्या नियंत्रण में आई है। जबकि बीते दस माह में कोविड-19 हॉस्पिटल के ओपीडी में 43,658 मरीजों ने इलाज लिया है।

दीपावली के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही थी, लेकिन नए साल में कोरोना मरीजों की संख्या तथा गंभीर मरीजों की मौत में लगातार कमी देखने को मिल रही है। पिछले एक सप्ताह से कोरोना मरीजों की संख्या नियंत्रण में आ गई है। गुरुवार को 202 दिन बाद 24 घंटे में सौ से भी कम पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। मनपा स्वास्थ्य विभाग ने त्योहार सीजन खत्म होने के तुरंत बाद एक्शन प्लान तैयार कर उस पर अमल शुरू कर दिया था। इसमें अर्ली टेस्टिंग और अर्ली ट्रिटमेंट के साथ ही कुछ समय बाद संक्रमित मरीज घटना शुरू हो गए थे। शहरी क्षेत्र में 19 नवम्बर तक कोरोना मरीजों की संख्या दो सौ से कम थी। लेकिन 20 नवम्बर के बाद से फिर बढ़े और 300 तक पहुंच गए थे। लेकिन 7 जनवरी को कोरोना मरीजों की संख्या घटकर सिर्फ 98 रह गई।

नए साल में कोविड-19 हॉस्पिटल में मरीज घटे, दो से दस मरीज ही हो रहे भर्ती

एक माह से 100 से भी कम मरीज

न्यू सिविल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित गामित ने ‘राजस्थान पत्रिका’ को बताया कि पिछले एक माह से ओपीडी में मरीजों की संख्या सौ से भी कम हो गई है। वहीं, कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के भर्ती होने वाले केस भी घटकर दो से पांच ही रह गए हैं। कोविड-19 हॉस्पिटल हाल में 39 से भी कम कोरोना पॉजिटिव भर्ती है। इसमें ऑक्सीजन पर सिर्फ सात, बाइपेप पर तीन और वेंटिलेटर पर एक मरीज भर्ती है।

पोस्ट कोविड के मरीज भी घटे

कोरोना से संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हुए मरीज भी अलग-अलग तकलीफों के साथ ओपीडी में आते थे, लेकिन अब उनकी संख्या भी घट गई है। चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना से स्वस्थ हुए लोगों में खांसी, श्वास लेने में तकलीफ या अशक्ति की शिकायत के साथ ओपीडी में आते हैं। अब उनमें से ज्यादातर मरीजों को दवाइयां शुरू करके ही रिकवर कर लिया जाता है। कोविड ओपीडी के अलावा कुछ मरीज मेडिसिन विभाग के ओपीडी में भी इलाज के लिए जाते हैं।

दस माह में 43,498 मरीज देखे

न्यू सिविल अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या एक माह से थोड़ी नियंत्रण में आई है, लेकिन इसके पहले शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों के ओपीडी में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे। न्यू सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, मार्च से दिसम्बर तक बीते दस माह में कुल 43,658 कोरोना मरीजों को ओपीडी में इलाज किया गया है। इसमें सर्वाधिक जुलाई में 10,366 कोरोना मरीजों ने ओपीडी में इलाज करवाया था। इसके अलावा जून में भी 7,874 कोरोना मरीजों ने इलाज करवाया।

स्मीमेर में भी घटे मरीज

स्मीमेर अस्पताल में रिसपरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पांडेय ने ‘राजस्थान पत्रिका’ को बताया कि फ्लू और ट्राएज ओपीडी में 30-40 कोरोना के संदिग्ध मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। फ्लू ओपीडी में सामान्य मरीज होते हैं। वहीं, ट्राएज ओपीडी में गंभीर मरीजों को देखने की व्यवस्था है। इसमें 5 से 10 मरीजों को भर्ती करने की जरूरी होती है। नवम्बर के पहले और बाद में ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक थी, लेकिन अब कोरोना नियंत्रण में आता हुआ लग रहा है। ओपीडी में मरीज घटने के साथ ही गंभीर मरीज भर्ती होने वाली भी घटे हैं।

नए साल में घट गई कोरोना मरीजों की संख्या

दिनांक /ओपीडी /भर्ती

1 जनवरी -83 -05

2 जनवरी -81 -13

3 जनवरी -39 -06

4 जनवरी -93 -09

5 जनवरी -64 -02

6 जनवरी -26 -08

7 जनवरी -60 -02

कुल -446 -45

कोविड-19 हॉस्पिटल में ओपीडी

माह/ मरीज

मार्च- 1520

अप्रेल- 4667

मई- 3645

जून- 7874

जुलाई- 10366

अगस्त- 3846

सितम्बर- 3643

अक्टूबर- 3266

नवम्बर- 3002

दिसम्बर- 1829

कुल- 43658

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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