एक हजार करोड़ का पेमेंट अटक गया

राज्यों से पेमेंट नहीं आने के कारण व्यापारी लाचार हैं। बड़़े व्यापारी तो कहीं से इंतजाम कर रहे हैं, छोटे व्यापारियों के लिए मुसीबत बढ़ गई है।जून में क

By: मुकेश शर्मा

Published: 22 Aug 2017, 11:24 PM IST

सूरत।राज्यों से पेमेंट नहीं आने के कारण व्यापारी लाचार हैं। बड़़े व्यापारी तो कहीं से इंतजाम कर रहे हैं, छोटे व्यापारियों के लिए मुसीबत बढ़ गई है।जून में कपड़ा उद्योग पर जीएसटी की घोषणा के बाद से ही कपड़ा व्यापार की गाड़ी पटरी से उतरने लगी थी। व्यापारी अपने स्टॉक को लेकर असमंजस मेें थे। कई व्यापारियों ने नई खरीद-बिक्री बंद कर दी थी। सूरत के साथ देशभर के तमाम राज्यों में कपड़ा मंडियों में यही हालत थी। जीएसटी लागू होने के बाद सूरत में 18 दिन तक और अन्य राज्यों में भी कुछ दिनों तक व्यापार बंद रहा।

इससे पटरी से उतरी व्यापार की गाड़ी अभी तक फिर पटरी नहीं पकड़ सकी है। ज्यादातर व्यापारियों को अभी तक जीएसटी समझ में नहीं आने के कारण वह पहले की तरह व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। रिटेल बाजार में भी यही हालात है। वहां माल नहीं मंगाया जा रहा है और व्यापार बंद है। पहले बाजार बंद रहने और अब जीएसटी नहीं समझ आने के कारण अन्य राज्यों की मंडियों में व्यापार प्रभावित हो रहा है। इस कारण व्यापारियों के पास पेमेंट के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। सूरत के व्यापारी उनसे पेमेंट के लिए आग्रह करते हैं तो वह दो महीने का वक्त मांगते हैं और जीएसटी का हवाला देकर असमर्थता जताते हैं।

दूसरी ओर यहां के व्यापारी की हालत नाजुक हो गई है। वीवर्स, एम्ब्रॉयडरी वाले और प्रोसेसर उन पर पेमेंट के लिए दबाव बना रहे हैं। वीवर्स ने भी पेमेंट के लिए नए नियम बना लिए हैं। पहले वह तीन महीने तक उधार देते थे, लेकिन कई वीवर अब एक महीने पर ही पेमेंट मांग रहे हैं। इसी तरह एम्ब्रॉयडरी वाले और प्रोसेसर्स भी पिछले बकाया के लिए दबाव डाल रहे हैं। एक अंदाज के अनुसार एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का पेमेंट अटका हुआ है।

पूरी कडिय़ां बाधित

& जीएसटी के कारण कपड़ा उद्योग कई दिनों तक बंद रहा। खुलने के बाद सभी लोग पेमेंट की मांग कर रहे हैं। श्रमिक से लेकर बड़े उद्यमियों तक पेमेंट की मांग हो रही है। दूसरी ओर बाहर से पेमेंट नहीं आ रहा है। इसलिए बाजार में आर्थिक तरलता का संकट है।गिरधर गोपाल मूंदडा, उद्यमी

अन्य राज्यों से पेमेंट नहीं

& अन्य राज्यों के ज्यादातर व्यापारी पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। मार्केट बंद रहने के कारण खरीद नहीं होने से रुपए का प्रवाह अटक गया है। सूरत के व्यापारियों पर वीवर्स से लेकर प्रोसेसर तक रुपए के लिए दबाव बना रहे हैं।बजरंग गाडोदिया, व्यापारी

प्रोसेसर भी चिंतित

& जॉब वर्क का पेमेंट रुका हुआ है। जीएसटी के कारण कपड़ा उद्योग बंद रहने से व्यापारियों को पेमेंट नहीं मिल रहा है, लेकिन हमें समय पर सब को पेमेंट करना है। पेमेंट नहीं आने से प्रोसेसर भी चिंतित हंै।जीतू वखारिया, प्रमुख, साउथ गुजरात टैक्सटाइल प्रोसेसर एसोसिशन

नकदी की तंगी

& वीवर्स की ओर से पेमेंट नहीं मिल रहा है। हड़ताल के बाद काम तो शुरू हो गया, लेकिन वीवर्स अभी पूर्ण रूप से कारखाने शुरू नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें भी पैमेंट नहीं मिल रहा है।
बकुलेश पंड्या, यार्न व्यवसायी

 

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मुकेश शर्मा Reporting
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