सिलवासा.

मंगलवार को छठ व्रतियों ने नदी और खाड़ी के पानी में खड़े होकर सायंकालीन सूर्यदेव की उपासना की। नए कपड़े पहने कमर तक जल में खड़े व्रतियों ने हाथ में धूप, दीप, अगरबत्ती लेकर छठ मैया की पूजा की एवं अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य दिया। दमणगंगा से निकले नाले और खाड़ी के घाटों पर महिलाओं एवं पुरुषों ने छठी मैया की पूजा की। पहले दिन नमक रहित भोजन करके व्रतियों ने पूरे दिन निर्जल उपवास रखा। अथाल, पिपरिया, डोकमर्डी और बाविसा फलिया में दमण गंगा के खाड़ी पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सूर्यास्त पूजा की।

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