पुलिस की कोताही से हत्यारोपी की जमानत

Sandip Kumar N Pateel

Publish: Feb, 15 2018 08:29:20 PM (IST)

Surat, Gujarat, India
पुलिस की कोताही से हत्यारोपी की जमानत

गला काट कर हत्या करने के बाद शव जलाने का है आरोप

सूरत. एक जने की गला काटकर हत्या के बाद उसका शव जलाकर सबूत मिटाने के मामले में सचिन पुलिस की गंभीर कोताही के कारण मुख्य आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल गई।


जानकारी के अनुसार कछोली गांव में लिम्बायत नवानगर निवासी कैलाश जीपा कोली की हत्या हो गई थी। १, अक्टूबर २०१७ को पुलिस को उसका जला हुआ शव मिला था, जिसकी शिनाख्त कर उसके भाई ने सचिन जीआईडीसी पुष्पकनगर निवासी पवन वर्मा, उसके मित्रों असलम पठान और वरुण कुमार पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। आरोप था कि कैलाश ने पवन को आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान खोलने के समय ५० हजार रुपए दिए थे। बाद में कैलाश की पुत्री की शादी पर उसने रुपए वापस मांगे। इसको लेकर पवन उससे रंजिश रखे हुए था। पवन अपने मित्रों के साथ मिलकर उसे कछोली गांव के एक खेत में ले गया। वहां गला काट कर उसकी हत्या के बाद शव जला दिया गया। अगले दिन शव बरामद होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की। इस संबंध में आरोपी पवन वर्मा के वकील नरेश गोहिल द्वारा पेश की गई जमानत याचिका में जांच के दौरान पुलिस की कई कोताहियों का जिक्र किया गया। गोहिल की दलीलों के बाद कोर्ट ने पवन वर्मा की जमानत याचिका मंजूर कर ली।


ये कोताहियां सामने आईं

 


चार्जशीट में पुलिस ने बताया कि जिस पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा गया था, वहां से सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए हैं, लेकिन चार्जशीट के शाथ न तो सीडी थी और न ही सीडी की फोरेन्सिक रिपोर्ट। शव के पोस्टमार्टम की तारीख और समय एक अक्टूबर की रात साढ़े आठ बजे दर्शाया गया, जबकि सिविल अस्पताल के मुताबिक पोस्टमार्टम २ अक्टूबर को सुबह दस बजकर दस मिनट पर हुआ। पंचनामे और साक्ष्यों की फेहरिस्त में पुलिस द्वारा मौके पर शव जलाने के दौरान जलाई गई टी शर्ट के टुकड़े बरामद होना दर्शाया गया था, लेकिन चार्जशीट में उनका कोई जिक्र नहीं था।

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