गर्मी में पानी की किल्लत टालने के लिए मनपा की तैयारी शुरू

गर्मी में पानी की किल्लत टालने के लिए मनपा की तैयारी शुरू

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Feb, 15 2018 01:17:33 PM (IST) Surat, Gujarat, India

जलस्तर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को लिखा पत्र

सूरत. उकाई डेम के घटते जलस्तर का असर वेडरोड वियर कम कोजवे पर दिखने लगा है। यहां लेवल पांच-साढ़े पंाच मीटर से घटकर साढ़े चार मीटर के आसपास हो गया है। लेवल नीचा होता देख मनपा प्रशासन ने सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर पानी छोडऩे की मांग की है। कोजवे का जलस्तर पांच मीटर से अधिक होने पर पानी की गुणवत्ता और मात्रा, दोनों का आशानुकूल परिणाम आता है।

गर्मी में पानी की कमी की आशंका
इस बार गर्मी में पानी की कमी की आशंका पहले से जताई जा रही है। सरकार और मनपा प्रशासन इस दिशा में प्रयास में जुट गए हैं। सरकार की अपील पर मनपा प्रशासन ने लोक जागरुकता के जरिए पानी की बर्बादी रोकने की मुहिम का खाका तैयार किया है।

जलापृर्ति कोजवे के जलस्तर पर निर्भर

शहर की जलापृर्ति की जरूरत वेडरोड कोजवे के जलस्तर पर निर्भर है। जलस्तर पांच मीटर से अधिक रहने पर इसका लाभ तापी में लगे तमाम फ्रेंचवेल को मिलता है, जबकि इसके विपरीत फ्रेंचवेल से निम्न गुणवत्ता और कम पानी की निकासी होती है। तापी में जलस्तर कम होने पर जलकुंभी की समस्या भी बढ़ती है। उकाई डेम के घटते जलस्तर का असर वेडरोड वियर कम कोजवे पर दिखने लगा है।


उकाई का लेवल 316 फीट
जानकारी के अनुसार अभी उकाई डेम का जलस्तर 316 फीट के आसपास है। इसमें करीब 2497 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी जमा है। यह पानी पिछले साल की तुलना में करीब-करीब आधा है। इस हालत को देखते हुए मनपा प्रशासन अलर्ट हो गया है। वह एक ओर पानी का दुरुपयोग रोकने की कोशिश में जुटा है, तो दूसरी ओर राज्य सरकार से अपने फ्रेंचवेल की बेहतरी के लिए तापी में पानी छोडऩे की मांग भी कर रहा है। हाइड्रोलिक विभाग के अधिकारी के अनुसार सरकार से पानी छोडऩे की मांग की गई है, जिससे कोजवे का लेवल पांच से साढ़े पांच मीटर के आसपास रहे।

Ad Block is Banned