INDIAN RAIL: रेलवे ने अभी तक नहीं उठाए मवेशियों के शव


शवों के सडऩे से दुर्गन्ध बनी परेशानी का सबब, नाराज लोग रेल पटरी पर डटे
स्टेशन अधीक्षक और आरपीएफ के समझाने के बाद हटे
दुरंतो एक्सप्रेस की चपेट में आने से हुई थी 15 मवेशियों की मौत

By: Sunil Mishra

Updated: 05 Sep 2019, 10:27 PM IST


वापी. गत दिनों कमबेला स्टेशन के पास दुरंतो ट्रेन की चपेट में आने से 15 मवेशियों की मौत हो गई थी। कुछ शवों को छोडक़र ज्यादातर मवेशियों के शव अभी तक रेल पटरियों के आसपास ही पड़े हैं। सडऩे के बाद उनकी दुर्गन्ध आसपास के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। स्टेशन के पास बने गुड्स यार्ड में आने वाले वाहन चालकों के अलावा आसपास के ग्रामीण रेलवे विभाग पर घोर लापरवाही का ठीकरा फोड़ते हुए गुरुवार दोपहर को रेल पटरी पर उतर गए। घटना का पता चलते ही करमबेला स्टेशन अधीक्षक सुरेश मीणा वहां पहुंच गए और लोगों को समझाकर शांत किया। उनकी सूचना पर वापी से आरपीएफ पीआई समेत स्टाफ मौके पर पहुंच गया था।

INDIAN RAIL: रेलवे ने अभी तक नहीं उठाए मवेशियों के शव

शवों का समाधान नहीं करने से उनकी दुर्गन्ध दूर तक फैल रही

लोगों ने आरोप लगाया कि शवों का समाधान नहीं करने से उनकी दुर्गन्ध दूर तक फैल रही है। इससे लोगों घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बताया गया है कि विरार वलसाड शटल को करीब दस मिनट तक रोक रखा था। स्टेशन अधीक्षक द्वारा समस्या का निराकरण करने के आश्वासन पर लोगों पटरी से हटे।

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बरसात की वजह से नहीं कर पाए
मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आने से मरने वाले मवेशियों के शव का समाधान न होने से दुर्गन्ध की शिकायत लेकर कुछ लोग पटरी पर उतर गए थे। लोगों को समझा दिया गया है। उस दिन बरसात लगातार होने से आसपास पानी भरा है। इसके कारण वहां जेसीबी पहुंचने या गड्ढे खोदकर दफनाना मुश्किल था। इस वजह से शव वहीं पड़े रह गए। शवों पर केमिकल और पाउडर का छिडक़ाव कर दिया गया है, जिससे दुर्गन्ध न फैले। जल्द ही यह समस्या दूर कर ली जाएगी।
सुरेश मीणा, करमबेला स्टेशन अधीक्षक

शांति से निपटा मामला
इस तरह की सूचना मिलने पर आरपीएफ वहां पहुंच गई थी। हालांकि कोई बवाल नहीं था। मवेशियों के शवों को न हटाने पर लोग नाराज थे। स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच से भी बात की गई। लोगों को शांतिपूर्वक समझाने पर लोग वहां से हट गए थे। किसी तरह का बवाल नहीं हुआ था।
डीजे सिसोदिया, निरीक्षक, आरपीएफ वापी।

तीन दिन बाद भी शव नहीं हटाए
तीन बाद भी मवेशियों के शव घटना स्थल पर ही हैं। बुधवार को लोगों द्वारा विरोध करने का पता चलने पर मौके पर पहुंचने पर पाया कि हालात ज्यादा खराब हैं। रेलवे की सीमा में हुई इस घटना की जिम्मेदारी होने पर भी रेल अधिकारी अभी तक शवों का समाधान नहीं कर पाए हैं। इसकी शिकायत भी अधिकारियों से की गई। बाद में अधिकारियों ने केमिकल और पाउडर जानवरों के शवों पर डाला। दुर्गन्ध के कारण आसपास रहने वालों के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
अंकित शाह, सदस्य, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया।

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