भानुशाली जगह रिश्तेदार आए आगे, बोले हनी ट्रैप में फंसा रहे

सूरत पुलिस को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग

By: Sandip Kumar N Pateel

Published: 24 Jul 2018, 09:40 PM IST

सूरत. बलात्कार के आरोप में फंसे भाजपा के कद्दावर नेता रहे जयंती भानुशाली के रिश्तेदार ने उसकी ओर से पीडि़ता को हनी ट्रैप रैकेट का हिस्सा बता कर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। साथ ही पीडि़ता की प्राथमिकी पर सवाल उठाते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।


बलात्कार समेत गंभीर आरोपों में फंसे भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष जयंती भानुशाली कच्छ जिला पंचायत प्रमुख, विधायक और स्टील अॅथोरिटी ऑफ इंडिया का निदेशक भी रह चुका है। प्रकरण में वह खुद तो सामने नहीं आया, लेकिन उसकी ओर से मुंबई निवासी रिश्तेदार करसन भानुशाली ने पीडि़ता की ओर से दर्ज कराई प्राथमिकी पर सवाल उठाए। मामले की जांच कर रही डीसीपी लीना पाटिल को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि पीडि़ता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उसके साथ हाइवे पर एक कार में बलात्कार किया गया और खुद जयंती भानुशाली ने अपने सहयोगी से वीडियो क्लिप बनवाई। यह गले उतरने वाली बात नहीं है कि कोई रसूखदार व्यक्ति ऐसा करेगा। प्राथमिकी में कहीं भी पीडि़ता ने तारीख नहीं बताई है कि यह सब कब हुआ। इसके अलावा वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और २४ अप्रेल को वीडियो क्लिप किसी को देने का आरोप भी लगाया है, जो संभव नहीं लगता। कपीडि़ता ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी उसे आकर धमकाते थे। ऐसा है तो पुलिसकर्मियों की पहचान परेड क्यों नहीं करवाई जाती। एफआइआर में पीडि़ता ने उसका जयंती भानुशाली से संपर्क करवाने वाली जिस प्रिया नाम की सहेली का जिक्र किया है, वह कांग्रेस नेता दिनेश काछडिय़ा को हनी ट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह की आरोपी है। पीडि़ता भी उसी गिरोह का हिस्सा है। रुपए वसूलने के लिए भानुशाली को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।


भानुशाली को दी थी धमकी


ज्ञापन में बताया गया कि जयंती के भतीजे सुनील को मनीषा नाम की युवती ने हनी ट्रैप में फंसा कर दस करोड़ रुपए की मांग की थी। जयंती ने उसे बातचीत के लिए बुलाया था। उसने दस दिन में रुपए नहीं देने पर उन्हें भी बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने के धमकी दी थी। उन्होंने २१ मार्च को नरोड़ा की पी.एम.आंगडिया पेढ़ी से मनीषा के बताए गए देवेन्द्र नाम के व्यक्ति को २५ लाख रुपए भेजे थे। बाद में इस संबंध में सुनील ने नरोड़ा थाने में इसकी प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।


पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच हो


करसन ने कहा कि पीडि़ता की मां ब्यूटी पार्लर में काम करती है। उसके पिता के खिलाफ २०१४ में कापोद्रा थाने में १४ लाख रुपए की हीरा चोरी का मामला दर्ज हुआ था। पीडि़ता की शादी के डेढ़ माह बाद ही उसका पति उससे अलग हो गया। पीडि़ता के पूर्व पति का आरोप है कि कुछ समय पहले इस परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। अब जो हालत है, उसे देख कर यह सवाल उठता है कि इतने पैसे कहां से आए?


राजनीति से प्रेरित बताया


पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित षड्यंत्र बताते हुए करसन ने आरोप लगाया कि पीडि़ता लिखित शिकायत देने के बाद नाटकीय ढंग से गायब हो गई। फिर वह शिकायत वापस लेने के लिए कापोद्रा थाने में अर्जी देती है और उसके बाद १९ जून को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय आती है। वहां हंगामा कर कांग्रेस कार्यकर्ता मामला दर्ज करवाते हैं। उनके कॉल डिटेल की जांच होनी चाहिए।

Sandip Kumar N Pateel Reporting
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