नदी-नालों के घाट होने लगे साफ, मनाएंगे छठ महापर्व

नदी-नालों के घाट होने लगे साफ, मनाएंगे छठ महापर्व

Dinesh O.Bhardwaj | Publish: Nov, 10 2018 06:42:33 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

तीन दिवसीय षष्ठी महापर्व

सिलवासा. सूर्य षष्टी महाव्रत की शुरुआत रविवार से होगी। तीन दिवसीय नदी-नालों के घाट पर सूर्यास्त पूजा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी, पूजन की तैयारी जोरों पर चल रही है। बिहार व उत्तर भारत के लोग दमणगंगा किनारे छठ पूजा की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर के अथाल, डोकमर्डी, पिपरिया, बाविसा फलिया नदी तट पर सूर्यदेव की पूजा होगी।
बिहार जनसेवा संघ ने छठ पूजा का आयोजन रखा है। आयोजन सिलसिले में नदी के घाट पर साफ-सफाई व रोशनी के प्रबंध जारी है। संघ कार्यकर्ताओं ने बताया कि डोकमर्डी घाट पर षष्ठी पर्व पर करीब 7-8 हजार श्रद्धालु पूजा के लिए जुटेंगे। संघ की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पूजा सामग्री, पेयजल, रोशनी आदि व्यवस्था की जाएगी। यहां पिछले 15 वर्षो से सूर्य पूजा हो रही है। ऑल इंडिया पिपल्स ने अथाल दमण गंगा तट पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम रखे हैं। अथाल के घाटों को साफ-सुथरा बनाया गया है। पीडीए द्वारा पक्के घाट बनाने से यहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहेगी। नरोली, दादरा, किलवणी, गलौंडा, मसाट, कराड़, रखोली, दपाड़ा, सुरंगी, खानवेल, खडोली में दमण गंगा एवं इनसे निकली खाडिय़ों के तटों पर षष्ठी पूजा होती है। औद्योगिक इकाइयों के कारण प्रदेश के विभिन्न विस्तारो में बिहार एवं उत्तरप्रदेश के नागरिक बसे हुए हैं। छठ पूजा पर तीन दिन पहले तैयारी होने लगती है। छठ महापर्व की शुरूआत रविवार से हो जाएगी और पहले दिन नहाय-खाय, सोमवार को खरना, मंगलवार को संध्या पूजा एवं बुधवार को सुर्योदय पूजा के बाद षष्ठी पर्व का समापन होगा।


खरीददारी शुरू


छठ पूजा के लिए बाजारों में फल-सब्जी, कपड़े, डलिया, बर्तन आदि खरीदने के लिए बाजारों में भीड़ होने लगी है। व्रतियों ने छठ पूजा के लिए बॉस व पीतल की सूप, बांस के फट्टे से बने दौरा, डलिया और डोगरा, पानी वाला नारियल, पत्ते वाले गन्ने, सुथनी, शकरकंद, हल्दी व अदरक का पौघा, सेव, बड़ा निंबू, शहद की डिब्बी,, पान और सुपारी, कैराव, सिंदूर, कपूर, कुमकुम, चावल, चंदन, मिठाई आदि खरीदे।

Ad Block is Banned