RTE : फर्जी प्रमाणपत्र पर 2200 से ज्यादा प्रवेश फॉर्म रद्द

सभी आवेदकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कलक्टर को सौंपी रिपोर्ट

आरटीइ प्रवेश के लिए पूणा क्षेत्र से सर्वाधिक 950 आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 24 May 2018, 09:11 PM IST

सूरत.

आय के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के कारण राइट टू एज्युकेशन के अंतर्गत शहर में 22 सौ से अधिक प्रवेश फॉर्म को रद्द कर दिया गया है। इन सभी आवेदकों पर कड़ी कार्रवाई के लिए कलक्टर को रिपोर्ट सौंपी गई है। पूणा क्षेत्र से सर्वाधिक 950 आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।
आरटीइ में प्रवेश के लिए सूरत कॉर्पोरेशन में इस बार 9,809 से अधिक आवेदन आए थे। सभी आवेदनों और उनके साथ जोड़े गए प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो 22०० से अधिक आवेदनों के आय प्रमाण पत्रों को फर्जी पाया गया। सोफ्टवेयर के माध्यम से प्रमाणपत्र फर्जी होने का पता चला। इन सभी प्रमाणपत्रों की सिटी प्रांत अधिकारी से दोबारा जांच करवाई गई। जांच में पता चला कि 2221 आवेदनों के साथ मिले आय प्रमाणपत्र फर्जी हैं। इन सभी आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। पूणा से सर्वाधिक 950 आवेदनों के आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। उधना से 357, उधना से 357, कतारगाम से 233, मजूरा से 31 और सूरत के अन्य क्षेत्रों से 370 आय प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। सिटी प्रांत अधिकारी बी.एस. पटेल ने बताया कि फर्जी आय प्रमाणपत्र वाले प्रवेश फॉर्म रद्द कर दिए गए है। इन सभी आवेदकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कलक्टर को रिपोर्ट दी गई है।

फर्जी प्रमाणपत्र
मजूरागेट ३१
अडाजण २३३
कतारगाम 2८०
उधना ३५७
पूणा ९५०
अन्य 3७०
कुल २२२१

चुन तो लिए गए, लेकिन प्रवेश को लेकर स्कूलों की आनाकानी ने किया परेशान
आरटीइ के तहत प्रवेश के लिए चुने गए अभिभावकों की शिकायतें थम नहीं रही हैं। प्रवेश लेने स्कूल पहुंचे कई अभिभावकों से फीस मांगी गई तो कई स्कूलों ने प्रवेश देने से ही इनकार कर दिया। बुधवार को भी कई अभिभावक प्रवेश नहीं मिलने की शिकायत लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे। आरटीइ के तहत जिन विद्यार्थियों को पहले चरण में प्रवेश के लिए चुना गया है, उनकी सूची जिला शिक्षा अधिकारी की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। पहले चरण में 6763 विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए चुना गया है। सूची में आवेदन क्रमांक, विद्यार्थी का नाम, स्कूल कोड और स्कूल का नाम जारी किया गया है, जिससे कोई विवाद खड़ा न हो, लेकिन शहर के कई निजी स्कूल प्रवेश देने से साफ इनकार कर रहे हैं। कुछ स्कूलों ने अभिभावकों से फीस नहीं देने पर प्रवेश नहीं देने की बात कही तो कई स्कूलों ने आरटीइ वाले विद्यार्थियों को प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया। इस मामले में अभिभावक शिकायत लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से स्कूलों को नोटिस भेजा गया है।

Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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