कसाई का पुतला हटाए जाने से बजरंग दल में आक्रोश

कसाई का पुतला हटाए जाने से बजरंग दल में आक्रोश

Vineet Sharma | Publish: Sep, 16 2018 08:33:50 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 08:33:51 PM (IST) Surat, Gujarat, India

गोहत्या रोकने वाली थीम पर बने गणपति का मामला, मुख्यमंत्री से की निष्पक्ष जांच कराने की मांग

नर्मदा. नर्मदा जिला मुख्यालय राजपीपला के शर्मा कॉम्प्लेक्स में शिवाजी युवक मंडल की ओर से मनाए जा रहे गणेश महोत्सव में गोहत्या रोकने के प्रति जागरुकता लाने वाली गणपति प्रतिमा को पुलिस ने हटवा दिया।

प्रतिमा में शिवाजी महाराज के रूप में भगवान गणेश को कसाई का हाथ काटते दर्शाया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में रोष है। कसाई का पुतला हटाने के पीछे पुलिस पर किसका दबाव था का सवाल बजरंग दल की ओर से खड़ा किया गया है। इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर बजरंग दल ने मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को पत्र भेजा गया है। जिसमें पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी संवालिया निशान उठाया गया है।

राजपीपला में शिवाजी युवक मंडल की ओर से आयोजित गणपति महोत्सव में शिवाजी महाराज के रूप में भगवान गणेश को कसाई का हाथ काटते दर्शाया गया था। शहर में धार्मिक भावना को ठेस पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात पंडाल से कसाई के पुतले को कब्जे में ले लिया, जिसको लेकर विवाद गहरा गया।

नर्मदा जिले के बजरंग दल के नेता जितेन्द्र कठवाडिया, एस.ए. ठावा सहित अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। जिसमें बताया गया कि प्रदेश में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गो हत्या की जा रही है। गो हत्या रोकने के उद्देश्य से लोगों में जागरुकता लाने के लिए गणेश युवक मंडल की ओर से गाय व शिवाजी महाराज की भावना को व्यक्त करने के लिए सजावट किया गया था। शिवसेना युवक मंडल का आशय गाय और गोरक्षा के बारे में लोगों को अवगत कराना था।

नर्मदा पुलिस गो हत्या के इतने कड़े कानून होने के बाद भी कसाई का पुतला हटा दिया। पुलिस की इस कार्रवाई का बजरंग दल विरोध करता है। कसाई का पुतला हटाने के लिए किसका दबाव था, किस कानून के तहत कसाई की प्रतिमा हटाकर हिन्दू धर्म की भावना की हत्या करने वाला काम किया गया। बजरंग दल ने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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