SCHOOL ISSUE : रायन स्कूल के बस चालक हड़ताल पर

- अभिभावक और विद्यार्थी परेशान

Divyesh Kumar Sondarva

September, 1308:28 PM

Surat, Gujarat, India

सूरत.

रायन इंटरनेशनल स्कूल के बस चालक और कंडक्टर बुधवार को अचानक हड़ताल पर उतर गए। इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ा। बस चालकों और कंडक्टरों ने स्कूल प्रशासन पर उनके आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। स्कूल का कोई बस चालक बुधवार को विद्यार्थियों को लेने नहीं पहुंचा। अभिभावक और विद्यार्थी देर तक बस का इंतजार करते रहे। कई विद्यार्थी स्कूल नहीं जा पाए। चालकों और कंडक्टरों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं कर रहा है। उन्होंने स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए।

स्कूलों ने बाउंसर तैनात किए थे
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही विवाद गहरा गया था। स्कूलों ने फीस नहीं भरने वाले विद्यार्थियों को एलसी थमाकर निकाल दिया है। एस.डी.जैन स्कूल में पिछले दिनों इसको लेकर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया था। पुलिस वहां पहुंच गई थी। हाल ही एक और विद्यार्थी को एलसी थमाने के मामले को लेकर कई अभिभावक शिकायत करने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी नहीं थे। अभिभावक वहां धरने पर बैठ गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में पहले ही अपना पक्ष साफ कर दिया है कि कई स्कूलों ने अदालत में याचिका दायर की हुई है, इसलिए स्कूल पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती। दूसरी ओर एफआरसी का भी कहना है कि स्कूल पर कार्रवार्ई करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अभिभावकों का आरोप है कि एक स्कूल ने बाउंसर तैनात कर दिए हैं। इससे पहले भी फीस के मामले में अभिभावकों को स्कूल से दूर रखने के लिए कई स्कूलों ने बाउंसर तैनात किए थे।

स्कूल प्रशासन ने पुलिस से शिकायत की
शहर में स्कूल फीस का विवाद समाप्त नहीं हो रहा है। स्कूल के खिलाफ अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि फीस नहीं चुकाने के कारण स्कूल प्रशासन ने विद्यार्थी को निकाल दिया है। इससे नाराज अभिभावक स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल प्रशासन ने स्कूल का दरवाजा बंद कर दिया। नाराज अभिभावकों ने स्कूल में घुसने का प्रयास किया तथा पत्थर लेकर गेट को तोडऩे का प्रयास भी किया। अभिभावकों का आक्रोश देखकर स्कूल प्रशासन ने पुलिस से शिकायत की। स्कूल पहुंची पुलिस ने अभिभावकों को शांत करने का प्रयास किया।

Divyesh Kumar Sondarva
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