कोरोना में पिता का साया खोने वाले बच्चों को सूरत के संचालक ने नि:शुल्क शिक्षा देने का किया संकल्प

- विकट परिस्थिति में जब तक बच्चा पढऩे चाहे तब तक उसे नि:शुल्क शिक्षा देने की घोषणा
- संकल्प लेते ही दो विद्यार्थियों को स्कूल ने दिया नि:शुल्क प्रवेश

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 20 May 2021, 07:40 PM IST

सूरत.
कोरोना महामारी के कारण कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो गए है। कई परिवारों ने घर को आर्थिक सहारा देने वाले व्यक्ति को ही खो दिया है। ऐसे में सूरत शहर के दो स्कूलों के संचालकों ने कोरोना में पिता का साया खोने वाले बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का संकल्प किया है। बच्चे जब तक पढ़ना चाहे तब तक उन्हें नि:शुल्क शिक्षा देने की संचालकों ने घोषणा की है।

विद्यादान चेरिटेबल ट्रस्ट संचालित पालनपुर जकात नाका स्थित विद्याकुंज स्कूल और कीम स्थित विद्यादीप स्कूल के संचालकों ने कोरोना महामारी के बीच शिक्षा क्षेत्र में अनोखी सेवा प्रदान करने का संकल्प लिया है। कोरोना संक्रमण में कई बच्चों ने पिता का साया खो दिया है। इस कारण परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। परिवार का पेट भरा जाए या फिर बच्चों की स्कूल फीस दी जाए यह बड़ा प्रश्न बन गया है। शहर के निजी स्कूलों की फीस साल दर साल बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में पिता बिना पढ़ पाना मुश्किल होगा।

इसलिए विद्याकुंज और विद्यादीप स्कूल के संचालकों ने कोरोना में पिता को खोने वाले बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का संकल्प किया है। स्कूल के संचालक महेश पटेल ने बताया कि बिना पिता के शिक्षा पूरी करना परिवार के लिए बड़ी चुनौती है। इसलिए ऐसे बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का संकल्प किया है। कक्षा 12वीं तक बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। इसके अंतर्गत कक्षा 12वीं में समर्पित मैसुरिया को कक्षा 12वीं कॉमर्स और अर्पित मैसुरिया को कक्षा 7 में नि:शुल्क प्रवेश दिया गया है। जिस विद्यार्थियों को प्रवेश चाहिए वह स्कूल को संपर्क कर सकते हैं।

Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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