श्वान के मुंह में अपहृत बालक का हाथ

श्वान के मुंह में अपहृत बालक का हाथ
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Mukesh Kumar Sharma | Publish: Feb, 23 2016 11:43:00 PM (IST) Surat, Gujarat, India

डिंडोली थाना क्षेत्र के नवागाम से चार दिन पूर्व लापता हुए छह साल के एक बच्चे का हाथ मंगलवार को तीन

सूरत।डिंडोली थाना क्षेत्र के नवागाम से चार दिन पूर्व लापता हुए छह साल के एक बच्चे का हाथ मंगलवार को तीन किलोमीटर दूर ओमनगर सोसायटी में एक श्वान के मुंह में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जांच में पुलिस को सोसायटी के पीछे नाले (खाड़ी) के आसपास से बच्चे का धड़, खोपड़ी और पूजा सामग्री की वस्तुएं बरामद होने से तांत्रिक विधि के इरादे से हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।


मंगलवार सुबह डिंडोली स्थित ओमगर सोसायटी में लोगों ने एक श्वान के मुंह में बच्चे का हाथ देखा तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सोसायटी के पीछे खाड़ी के आसपास खोज-बीन शुरू की। श्वान जिस ओर से सोसायटी में आया था, वहां से कुछ ही दूर पुलिस को खाड़ी किनारे छह साल के एक बच्चे का धड़ मिला। उस पर कपड़ों के आधार पर पुलिस ने उसकी शिनाख्त नवागाम डिंडोली बालाजीनगर निवासी रवि संजय मालाकर (6 वर्ष) के रूप में की।


धड़ क्षत-विक्षत हालत में था, लेकिन सिर नहीं मिला था। चमड़ी पानी में रहने की वजह से गली हुई महसूस हो रही थी। कई घंटों तक खोज के बाद पुलिस को धड़ से करीब 500 मीटर दूर एक खेत में पांच-छह वर्ष के बच्चे की खोपड़ी मिली। पुलिस निरीक्षक के.जी. लिम्बाचिया ने बताया कि शव के हिस्सों को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भिजवाया गया है। रवि घर से करीब तीन किलोमीटर दूर खाड़ी के पास कैसे पहुंचा? उसकी खाड़ी में डूबने की वजह से मौत हुई या हत्या कर शव खाड़ी में फेंका गया? इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।


पालखी यात्रा देखने गया था : नवागाम डिंडोली की बालाजीनगर सोसायटी के प्लॉट नम्बर-39 में रहने वाला रवि शुक्रवार को लापता हो गया था। वह दोपहर करीब डेढ़ बजे डिंडोली इलाके से छत्रपति शिवाजी की जयंति के उपलक्ष में निकली पालखी यात्रा देखने गया था, लेकिन लौट कर घर नहीं आया। शाम चार बजे तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी खोज शुरू की और देर रात डिंडोली पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने शनिवार को अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की थी।


 संजय ने अपहरण को लेकर किसी पर कोई आशंका व्यक्त नहीं की थी।   तीन महीने पहले ही आया था परिवार : डाइंग मिल में काम करने वाले रवि के पिता संजय बिहार के औरंगाबाद जिले दाउदनगर गांव के मूल निवासी हैं। वह तीन माह पहले ही सूरत आए थे। उन्होंने रवि को  स्कूल में दाखिला नहीं दिलवाया था। उन्होंने धड़ पर मौजूद कपड़े देखकर शिनाख्त की। उसके कपड़े देखते ही संजय और उसकी पत्नी बिलख पड़े।

तांत्रिक विधि की आशंका

खाड़ी में जहां से शव बरामद हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर धार्मिक विधि की सामग्री भी मिली। इनमें एक लाल रंग का कपड़ा, चावल, अबीर, गुलाल, सिंदूर की पुडिय़ा मिली।  चावल और गुलाल की पुडिय़ां खुली हुई थीं। इससे आशंका है कि रवि की किसी तांत्रिक विधि के कारण भी हत्या की गई हो सकती है।
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