INTERCEPTOR BOAT : पाकिस्तान की सीमा से सटे जखो बन्दरगाह पर और मजबूत होगी सुरक्षा


INDIAN COST GUARD

- हजीरा में निर्मित स्वदेशी इंटरसेप्टर बोट सी-454 हुई भारतीय तट रक्षक बल में शामिल

- Indigenous Interceptor Boat C-454 built at Hazira joins Indian Coast Guard

By: Dinesh M Trivedi

Published: 16 Dec 2020, 11:23 AM IST


सूरत. पाकिस्तान की समुद्री सीमा से सटे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जखो बन्दरगाह पर अब सुरक्षा और मजबूत होगी। मगलवार को सूरत के हजीरा स्थित एल एण्ड टी कंपनी द्वारा बनाई गई अंतीम सी-454 इंटरसेप्टर बोर्ड को भारतीय तट रक्षक दल (कोस्टगार्ड) में शामिल कर जखो बन्दरगाह पर तैनात किया गया है।

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इस बोट पर कैप्टन मोहम्मद दानिश के नेतृत्व में 13 कोस्टगार्ड जवानों को तैनात किया गया है। जो जखो बंदरगाह के बाद समुद्री सीमा की सुरक्षा को मजबूत करेगें। मंगलवार को हजीरा स्थित लार्सन एण्ड ट्रूबो शिपयार्ड कंपनी पर में आयोजित कार्यक्रम में में मुख्य अतिथी शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर व कोस्टगार्ड की उत्तर पश्चिम कमांड के इंस्पेक्टर जनरल राकेश पाल व एलएण्डटी के हिमांशु भट्ट मौजूद रहे।

INTERCEPTOR BOAT : पाकिस्तान की सीमा से सटे जखो बन्दरगाह पर और मजबूत होगी सुरक्षा

पाल ने किसी भी देश की सुरक्षा व्यवस्था में कोस्टगार्ड के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षो में कोस्टगार्ड ने गुजरात से सटी समुद्री सीमा की सुरक्षा मजबूत करने ेमें अहम भूमिका निभाई है। करोड़ों रुपए के मादक पदार्थो की तस्करी व भारतीय जल सीमा में अवैध घुसपैठ को भी रोका है।

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साथ ही पर्यावरण को भी सहेजा है इस बोट के शामिल होने से सुरक्षा और मजबूत होगी। वहीं तोमर ने कहा गुजरात की समुद्री सीमा करीब 1600 किलोमीटर लंबी है। इसकी सुरक्षा बेहद जरुरी है। कोस्टगार्ड से प्रशिक्षित मरीन पुलिस भी इसकाम में जुटी है।जखो बंदरगाह पाकिस्तान की समुद्री सीमा के करीब है।

INTERCEPTOR BOAT : पाकिस्तान की सीमा से सटे जखो बन्दरगाह पर और मजबूत होगी सुरक्षा

इसलिए सुरक्षा के लिए लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण है। भट्ट ने कहा कि कंपनी द्वारा 53 बोट्स का निर्माण कर कोस्टगार्ड को दी जा चुकी है। कुछ भारत के मित्र राष्ट्रों मालदीव व मोजाम्बिक को भी दी गई है।

आपात और तुंरत कार्रवाई में बेहद प्रभावी

कैप्टन दानिश ने बताया कि सी-454 को छोटी आपात कार्रवाईयों के लिए विशेषतौर से डिजाइन किया गया है और इसमें यह प्रभावी है। इसका वजन 110 टन व लंबाई 27.80 मीटर है। अधिकतम रफ्तार 25 नाटिकल मील यानी करीब 80 किलोमीर प्रतिघंटा है। इसमें नेवीगेशन, कम्युनिकेशन और नाइट विजन के आधुनिक उपकरण लगे है।

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12.7 एमएम की एक हेवी मशीनगन और दो छोटी मशीनगनें लगी है। एक बार इंधन भरने के बाद 24 घंटे व अधिकतम 500 नाटिकल मील तक समुद्र में रह सकती है। संदिग्ध गतिविधियों के दौरान तुंरत कार्रवाई व किसी हादसे के समय बचाव व राहत कार्यो में इसका उपयोग किया जाएगा।

Dinesh M Trivedi Reporting
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