सीनियर सिटीजन, तत्काल कोटे में टिकट कन्फर्म कर फिर ई-टिकट में बदलाव कर यात्री को लगाते हैं चूना

- सूरत रेलवे स्टेशन पर दलालों का खेल...

- हावड़ा स्पेशल से 57 यात्री फर्जी टिकट पर यात्रा करते पकड़ा,

- सूरत से व्यारा के बीच ट्रेन में चलाया जांच अभियान

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 06 May 2021, 10:41 PM IST

सूरत.

कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिक बड़ी संख्या में विभिन्न स्पेशल ट्रेनों में गांव जाने के लिए स्टेशन पहुंच रहे है, लेकिन इन्हें कन्फर्म टिकट मिलने में काफी मुश्किल हो रही है। ई- टिकट समेत अनाधिकृत दलाल श्रमिकों को फर्जी कन्फर्म टिकट देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। मुम्बई विजिलंस अधिकारी ने बुधवार को अहमदाबाद-हावड़ा स्पेशल ट्रेन में जांच अभियान चलाकर 57 यात्रियों को पकड़ा और 53,700 रु जुर्माना वसूला है। विजिलंस विभाग ने बताया कि सीनियर सीटिजन कोटे में कन्फर्म टिकट बनाकर यात्रियों को फर्जी ई- टिकट देने तथा तत्काल कोटे की टिकट का फर्जी ई टिकट बेचने का मामला सामने आया है।

सूरत रेलवे स्टेशन पर रोजाना उत्तरप्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में प्रवासी श्रमिक यात्रा करने के लिए पहुंच रहे है। लेकिन सभी यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में काफी परेशानी हो रही है। श्रमिक कन्फर्म टिकट के लिए ई टिकट समेत अनाधिकृत दलालों का सम्पर्क करते हैं। दलाल श्रमिकों की मजबूरी का फायदा उठाने में लगे हुए हैं। रेलवे सूत्रों ने बताया कि मुम्बई विजिलंस विभाग के चीफ विजिलंस इंस्पेक्टर हिमांशु कापडिय़ा को सूचना मिली थी कि 02833 अहमदाबाद-हावड़ा स्पेशल ट्रेन में फर्जी टिकट पर श्रमिक बड़ी संख्या में यात्रा कर रहे हैं। हिमांशु ने रेलवे सुरक्षा बल हेड कांस्टेबल हिरेन गांधी के साथ बुधवार को छापे की कार्रवाई के लिए सूरत पहुंच गए।

हिमांशु और हिरेन ने सूरत से व्यारा के बीच अहमदाबाद-हावड़ा स्पेशल ट्रेन में जांच की। इसमें 24 फर्जी यात्री मिले, जिनके पास सीनियर सिटीजन कोटे में बुक टिकट थी। विजिलंस विभाग ने ऐसे यात्रियों को बिना टिकट मानते हुए उनसे करीब 23,650 रुपए का जुर्माना वसूल किया। इसके अलावा 33 यात्री अन्य मिले जिनके पास तत्काल कोटे की फर्जी टिकट थी। विजिलंस अधिकारियों ने यात्रियों से टिकट मांगा तो उन्होंने ई टिकट या मोबाइल पर मैसेज दिखाया। यह सभी टिकट आरक्षण केन्द्र से बनाई हुई थी। वहीं यात्रियों को फर्जी टिकट दिया गया था। विजिलंस विभाग ने इन 33 यात्रियों से करीब 30,050 रुपए जुर्माना वसूल किया है।

राजस्थान पत्रिका उठाती रही मुद्दा

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने पिछले दिनों सूरत स्टेशन पर वेटिंग तथा जनरल टिकट पर सीट नम्बर लिखकर यात्रियों को लूटने वाले दलालों की खबर प्रकाशित की थी। रेलवे सुरक्षा बल ने एक दलाल को गिरफ्तार किया। लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद स्टेशन परिसर में फिर से दलाल सक्रिय हो जाते हैं। यह दलाल यात्रियों को फर्जी टिकट थमाकर टिकट दर से 2 से 3 गुणा रुपए वसूलते हैं।

ई टिकट को मोडिफाइ कर बनाते हैं

कोरोना के चलते रेग्यूलर ट्रेनों का परिचालन बंद है। स्पेशल ट्रेनों की संख्या सिमित है, जिसमें सभी यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता है। दलाल मजबूर यात्रियों को सीनियर सिटीजन कोटे में कन्फर्म टिकट बनाते हैं। इसके बाद ई- टिकट में 60 वर्ष से अधिक उम्र को बदलकर यात्री की असली उम्र लिख देते हैं। इसी तरह तत्काल टिकट में भी दलाल ई-टिकट को मोडिफाई करके यात्रियों से वसूली करते हैं। तत्काल टिकट 24 घंटे पहले बनता है। दूसरे स्टेशनों से टिकट बनाने के बाद वह यात्री को ई टिकट का प्रिंट या मैसेज भेज देते है। दलाल यात्री को ट्रेन में यही टिकट दिखाने के लिए बोलते है। लेकिन चार्ट में सबकुछ लिखा होने के कारण फर्जी यात्री पकड़े जाते है।

दो पार्ट में टिकट, एक कन्फर्म और दूसरी वेटिंग

विजिलंस अधिकारियों ने अप्रेल माह में तीन अलग-अलग केस दर्ज किए है जिसमें 68 यात्री की एक पार्ट की टिकट कन्फर्म और दूसरे पार्ट की टिकट वेटिंग होना पता चला है। इसमें एक ही ट्रेन में शॉर्ट डिस्टेंस जैसे अहमदाबाद से वडोदरा या सूरत की कन्फर्म टिकट होती है। वहीं, दूसरी टिकट सूरत या वडोदरा से बरौनी या फैजाबाद की होती है जो कि वेटिंग रहती है। कन्फर्म टिकट दिखाकर यात्री पहले स्टेशन पर प्रवेश लेता है और बीच के स्टेशन पर जहां से उसकी वेटिंग टिकट शुरू होती है। वहां वह जनरल कोच में शिफ्ट हो जाता है। जनरल कोच आरक्षित होने के कारण टीटीई या विजिलंस जांच में यात्री पकड़े जाते हैं।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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