सीनियर महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने किया आत्महत्या का प्रयास

- न्यू सिविल में मरीजों वर्कलोड और कॉलेज का प्रजेंटेशन तैयार नहीं होने के कारण खुदकुशी की आशंका!

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 26 Sep 2021, 09:44 PM IST

सूरत.

सूरत गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज में अनुस्नातक (पीजी) के अंतिम वर्ष में पढ़ाई करने वाली महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने गुरुवार रात को हॉस्टल के कमरे में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां निगल कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। तबीयत खराब होने पर साथी मेडिकल छात्रों को घटना की जानकारी हुई और उसे ट्रॉमा सेंटर ले आए। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मरीजों को देखने का वर्कलोड तथा कॉलेज से मिला प्रजेंटेशन तैयार नहीं होने के चलते तनाव में आत्महत्या का कदम उठाने की आशंका जताई गई है।

न्यू सिविल अस्पताल और पुलिस के मुताबिक, अस्पताल कैम्पस में पीजी हॉस्टल में रहने तथा सूरत गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की 28 वर्षीय महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने गुरुवार रात को अधिक संख्या में नींद की गोलियां निगल ली। कुछ देर बाद ही उसकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद स्थानीय मेडिकल छात्र उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया। इसके बाद उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि महिला रेजिडेंट डॉक्टर की तबीयत खतरे से बाहर है और बातचीत कर रही है। इस घटना की जानकारी मिलने पर मेडिकल छात्रों में हडक़म्प मच गया।

सूत्रों ने बताया कि महिला रेजिडेंट डॉक्टर उत्तरप्रदेश की निवासी है। दो साल पहले उसकी मां की मृत्यु हुई थी और अब दादी का भी देहांत हो गया है। इसके अलावा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान लैक्चर में उसे कुछ प्रजेंटेशन तैयार करने के लिए कहा गया था। मानसून सीजन में सबसे अधिक मरीज मेडिसिन विभाग में भर्ती हो रहे है। इन मरीजों के इलाज का वर्कलोड भी कारण बताया जा रहा है। इस घटना में एमएलसी केस दर्ज करके पुलिस को जानकारी दी गई है। फिलहाल रेजिडेंट डॉक्टर की तबीयत सुधार पर है। उसके बयान दर्ज करने के बाद ही असली वजह सामने आएगी।


पिछला बैच नहीं आने से काम का बोझ बढ़ा

कोविड के चलते पिछले साल परीक्षा नहीं हुई थी और कॉलेज में पिछला बैच नहीं आने के कारण मौजूदा मेडिकल छात्रों पर मरीजों का वर्कलोड बढ़ा है। अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा की तैयारी और मरीजों के इलाज के बीच तालमेल नहीं बैठा पाने के कारण कभी- कभार तनाव बढ़ जाता है। कोविड डेडिकेटेड स्टेम सेल बिल्डिंग में मेडिसिन विभाग के अलावा सभी विभाग के चिकित्सकों को ड्यूटी दी थी। इसमें मेडिसिन विभाग के सीनियर डॉक्टरों ने दूसरे विभागों के डॉक्टरों के साथ तालमेल बैठाते हुए मरीजों का इलाज किया। अब नॉन कोविड ओपीडी में मानसून सीजन के चलते मरीज बढ़ गए हैं। इसके चलते रेजिडेंट पर पढ़ाई के साथ-साथ वर्कलोड बढ़ गया है।

डीन ने जांच कमेटी बनाई

सूरत गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. ऋतंभरा मेहता ने रेजिडेंट डॉक्टर के आत्महत्या की घटना की जांच के लिए कमेटी बनाई है। इसमें मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. कमलेश दवे, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. मंदाकिनी पटेल और मेडिसिन विभाग की डॉ. प्रियंका मोदी को शामिल किया गया है। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले की जांच कर रिपोर्ट दो दिन में सौंपने के निर्देश दिए हैं।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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